Tokyo Olympics: टोक्यो ओलंपिक में पदक दिलाने वाले सुरेंद्र और सुमित नैनीताल में भी दिखा चुके हैं हॉकी का जादू
नैनीताल में जिला क्रीड़ा संघ (डीएसए) की ओर से हर साल अखिल भारतीय ट्रेड्स कप हॉकी प्रतियोगिता आयोजित कराई जाती रही है।
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टोक्यो ओलंपिक में जर्मनी के खिलाफ शानदार प्रदर्शन कर कांस्य पदक जीतने वाली भारतीय हॉकी टीम के दो सितारे सुरेंद्र कुमार और सुमित वाल्मीकि ने आठ साल पहले यहां डीएसए मैदान में अमर उजाला की ओर से प्रायोजित अखिल भारतीय ट्रेड्स कप हॉकी प्रतियोगिता में अपने खेल का जलवा दिखाया था। गुरुवार को जैसे ही भारतीय हॉकी टीम के ओलंपिक में कांस्य पदक जीतने की खबर मिली तो हॉकी के दीवानों को ये दोनों चेहरे और उनका खेल याद आ गया।
Tokyo Olympics: वेल्हम बॉयज और द दून स्कूल की हॉकी टीम के खिलाड़ी रहे हैं पटनायक
नैनीताल में जिला क्रीड़ा संघ (डीएसए) की ओर से हर साल अखिल भारतीय ट्रेड्स कप हॉकी प्रतियोगिता आयोजित कराई जाती रही है। इसमें देश भर के विभिन्न प्रांतों के जाने माने हॉकी के खिलाड़ी अपनी टीमों के साथ हिस्सा लेते हैं। इसमें पूर्व ओलंपियन राजेंद्र सिंह रावत, सैय्यद अली, सुरेंद्र सिंह बिष्ट समेत भारतीय हॉकी टीम के पूर्व कप्तान जफर इकबाल, महेंद्र पाल, अशोक कुमार, बलवीर सिंह, केडी सिंह बाबू जैसे नामी खिलाड़ी हिस्सा ले चुके हैं।
Tokyo Olympics: वेल्हम बॉयज और द दून स्कूल की हॉकी टीम के खिलाड़ी रहे हैं पटनायक
डीएसए मैदान में राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं का आंखों देखा हाल सुनाने वाले प्रसिद्ध उद्घोषक हेमंत बिष्ट बताते हैं कि कांस्य पदक जीतने वाली भारतीय हॉकी टीम में शामिल सुरेंद्र कुमार और सुमित वाल्मीकि ने वर्ष 2013-14 में अखिल भारतीय ट्रेड्स कप हॉकी प्रतियोगिता में हिस्सा लिया था। वह मार्कंडेय हॉकी क्लब शहबाद की ओर से खेलने पहुंचे थे।
तब शहबाद की टीम सेमीफाइनल तक ही पहुंची थी, लेकिन अलग-अलग मैचों में सुरेंद्र ने मिड फील्ड में और सुमित ने डिफेंस में खेलते हुए जबरदस्त खेल का प्रदर्शन किया था। डीएसए के ग्राउंड मैन अर्जुन को वह दिन बखूबी याद है जब सुरेंद्र कुमार ने डीएसए मैदान में हॉकी की स्टिक से गेंद को रफ्तार देकर गोल तक पहुंचाया था। बकौल अर्जुन, सुरेंद्र कुमार और सुमित दोनों ही हॉकी के बेहतरीन खिलाड़ी हैं।
25 साल से अमर उजाला है प्रतियोगिता का प्रायोजक
अखिल भारतीय ट्रेड्स कप हॉकी प्रतियोगिता को अमर उजाला बीते 25 साल से प्रायोजित कर रहा है। हॉकी खिलाड़ियों का कहना है कि वर्ष 1990 के दशक तक इस प्रतियोगिता की लोकप्रियता चरम पर थी और प्रैक्टिस के लिए ओलंपिक में खेलने वाले खिलाड़ियों का यह पसंदीदा टूर्नामेंट था। पिछले दो साल से कोरोना संक्रमण के कारण प्रतियोगिता आयोजित नहीं कराई जा रही है।
पंडित गोविंद बल्लभ पंत ने दिया था ट्रेड्स कप नाम
वर्ष 1921 में नैनीताल में पहली बार हॉकी के शौकीनों ने स्थानीय स्तर पर हॉकी प्रतियोगिता आयोजित की थी। कुछ समय बाद इस प्रतियोगिता को नैनीताल ट्रेड्स कप नाम दिया गया। वर्ष 1945 में प्रतियोगिता का नाम बदलकर नार्दन इंडिया ट्रेड्स कप हॉकी प्रतियोगिता कर दिया गया।
बाद में उत्तर प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री रहे पंडित गोविंद बल्लभ पंत ने इस प्रतियोगिता का नाम बदलकर अखिल भारतीय ट्रेड्स कप हॉकी प्रतियोगिता किया था। द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान वर्ष 1941 से 1945 तक जब देश भर में खेल गतिविधियां बंद हो गई थी तब भी यह प्रतियोगिता जारी रही।
प्रतियोगिता की महत्ता इस बात से भी आंकी जा सकती है कि वर्ष 1990 के दशक में इस प्रतियोगिता दो बार पाकिस्तान की टीम ने भी हिस्सा लिया था। एक बार पाकिस्तान की टीम फाइनल में रनर अप भी रही थी।