Corona in Uttarakhand: गुरुवार को मिले 192 नए कोरोना संक्रमित, एक मरीज की हुई मौत
- प्रदेश में एक कोरोना मरीज की मौत, 192 नए संक्रमित
- देहरादून, हरिद्वार जिले में बढ़ रहे कोरोना संक्रमित मामले
- उत्तराखंड में कुल संक्रमितों का आंकड़ा 99 हजार पार
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
प्रदेश में बीते 24 घंटों के भीतर एक कोरोना मरीज की मौत और 192 नए संक्रमित मिले हैं। देहरादून और हरिद्वार जिले में संक्रमण फिर से बढ़ रहा है। राज्य में कुल संक्रमितों का आंकड़ा 99 हजार पार हो गया है। इसमें 94755 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं।
उत्तराखंड: पूर्व सीएम हरीश रावत कोरोना पॉजिटिव, परिवार के चार सदस्य भी संक्रमित
स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार गुरुवार को 9069 सैंपल निगेटिव मिले हैं। जबकि 12 जिलों में 192 लोग कोरोना संक्रमित पाए गए। देहरादून और हरिद्वार जिले में संक्रमितों का ग्राफ बढ़ रहा है। देहरादून जिले में 89 कोरोना मरीज मिले।
वहीं, हरिद्वार में 57, नैनीताल में 19, टिहरी में आठ, ऊधमसिंह नगर में पांच, अल्मोड़ा में तीन, पौड़ी में तीन, उत्तरकाशी में दो, रुद्रप्रयाग में दो, चमोली में दो, बागेश्वर व पिथौरागढ़ जिले में एक-एक संक्रमित मिला है। चंपावत जिले में कोरोना का कोई मरीज नहीं मिला है। इन्हें मिला प्रदेश में संक्रमितों का कुल संख्या 99072 हो गई है।
प्रदेश में कोरोना संक्रमित एक मरीज की मौत हुई है। इसमें दून मेडिकल कालेज में 85 वर्षीय पुरुष मरीज ने इलाज के दौरान दम तोड़ा है। अब तक 1707 कोरोना मरीजों की मौत हो चुकी है। वहीं, 121 मरीजों को ठीक होने के बाद घर भेजा गया है। इन्हें मिलाकर 94755 मरीजों ने कोरोना को मात दी है। वर्तमान में 1150 सक्रिय मरीजों का उपचार चल रहा है।
तीर्थनगरी में मिले 27 कोरोना पॉजिटिव
ऋषिकेश तीर्थनगरी में कोरोना संक्रमितों की संख्या लगातार बढ़ रही है। कुंभ के साथ विंकेड पर यहां उमड़ने वाली भीड़ एक बार फिर से स्थानीय लोगों को डराने लगी है। गुरुवार को मुनिकीरेती क्षेत्र में कुल 27 लोग कोरोना पॉजिटिव मिले। इनमें से 17 लोग कौड़ियाला स्थित एक नामी होटल के कर्मचारी हैं, जबकि छह यात्री तमिलनाडु, एक यात्री गुजराज और एक यात्री हरियाणा का शामिल है।
इन सभी लोगों का बीते 23 मार्च को आरटीपीसीआर सैंपल लिया गया था। जिसकी रिपोर्ट गुरुवार को आई है। फकोट ब्लॉक के स्वास्थ्य प्रभारी डॉ. जगदीशचंद जोशी ने बताया कि कौड़ियाला के होटल में संक्रमित पाए गए 15 लोगों के संदर्भ में जिला प्रशासन टिहरी को सूचित किया जा चुका है। इसके साथ ही जो पर्यटक संक्रमित पाए गए हैं, वह तीर्थनगरी से जा चुके हैं। संबंधित राज्यों को रिपोर्ट भेज दी गई है।
कौड़ियाल में एक ही होटल में मिले 17 संक्रमित कर्मचारियों को केलाशगेट स्थित कोविड केयर सेंटर पर भर्ती किए जाने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए मौके पर संक्रमित कर्मचारियों को लाने के लिए तीन-तीन एंबुलेंस को भेजा गया है। खबर लिख जाने तक यह प्रक्रिया जारी थी। डॉ. जोशी ने एक बार पुन: लोगों को मास्क पहनने, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने की हिदायत दी है।
दायितत्वधारी असवाल कोरोना संक्रमित
श्रीनगर में भाजपा नेता व राज्य सिंचाई सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष अतर सिंह असवाल कोरना संक्रमित हो गए है। उपचार के लिए वह दून अस्पताल देहरादून चले गए हैं। एसडीएम श्रीनगर रविंद्र बिष्ट के अनुसार स्वास्थ्य संबंधी दिक्कत होने पर उन्हें 18 मार्च को बेस अस्पताल श्रीकोट में रेपिड एंटीजन टेस्ट कराया था।
रेपिड टेस्ट में कोरोना पॉजिटिव निकलने पर उनके आरटीपीसीआर जांच के लिए नमूने लिए गए। आरटीपीसीआर में वह पॉजिटिव निकले। डॉक्टरों की सलाह पर वह होम आइसोलेट थे, लेकिन गुरुवार को उनको एंबुलेंस में दून अस्पताल भेज दिया गया।
कोविडकाल से अभी तक सदमें से नहीं उबर पाए बच्चे
कोविड 19 महामारी के इस काल में बच्चों से बातचीत के दौरान पता चला है कि छात्र-छात्राएं अभी भी कोरोना के सदमे से उभर नहीं पाए हैं। एम्स ऋषिकेश में आयोजित कार्यक्रम में बच्चों से बातचीत में यह भी सामने आया है कि इन दिनों बढ़ते हुए कोरोना के केस विद्यार्थियों के लिए चिंता का विषय बन गए हैं।
एम्स निदेशक प्रो. रवि कांत ने कहा कि कोरोना महामारी से लड़ने के लिए कोविड 19 वैक्सीन कारगर साबित हो रही है, लिहाजा इसके संक्रमण से अब घबराने की आवश्यता नहीं है, बल्कि सुरक्षा के लिहाज से सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने, मास्क पहनने आदि से दिनचर्या को सामान्य बनाया जा सकता है।
अध्ययनों से ज्ञात हुआ है कि विद्यार्थियों पर कोविड 19 की वजह से मानसिक, शारीरिक व आर्थिक स्तर पर दुष्प्रभाव पड़ा है। इसमें मानसिक रूप से प्रभावित होने वाले बच्चे चिड़चिड़ापन, डिप्रेशन आदि से ग्रसित हैं व सामाजिक दूरी बढ़ने से उन्हें अकेले रहने की आदत हो गई है, जिसका दुष्प्रभाव उनके एकेडमिक लेवल पर पड़ रहा है।
साथ ही कोविड के दौर में मोबाइल के माध्यम से अधिक कार्य करने से आंखों में ज्यादा जोर पड़ना, आंखों की दूसरी तकलीफें व थकावट आदि की समस्याएं भी बढ़ी हैं। अभिभावकों से आग्रह है कि बच्चों को हरसमय मोबाइल नहीं दें व उन्हें खेल और अन्य रचनात्मक गतिविधियों में शामिल होने के लिए भी प्रोत्साहित करें।
कोविड गाइडलाइन का पालन करेंगे संत : गिरि
अग्नि अखाड़े के संतों ने लगवाया कोरोना का टीका
कोविड-19 से बचाव के लिए श्री पंचदशनाम जूना अखाड़े के बाद श्री शंभू पंच अग्नि अखाड़े के संतों ने कोरोना टीकाकरण कराने की पहल की है। गुरुवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम अग्नि अखाड़ा पहुंची और संतों को टीका लगाया।
अग्नि अखाड़े के कुंभ मेला प्रभारी श्रीमहंत साधनानंद और अखाड़े के सचिव स्वामी संपूर्णानंद ब्रह्मचारी ने सबसे पहले टीका लगवाया। दोनों संतों के वैक्सीनेशन से बाकी संतों भी उत्साह दिखा। अखाड़े के श्रीमहंत परमेश्वरानंद ब्रह्मचारी, श्रीमहंत जियानंद ब्रह्मचारी, सचिव श्रीमहंत नारायण दत्त प्रकाश सहित कई संतों ने टीका लगवाया।