{"_id":"65736d3d961505491504e167","slug":"to-implement-land-law-in-the-state-tunnel-construction-dehradun-news-c-5-1-drn1031-303616-2023-12-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Dehradun News: उत्तराखंड भ्रमण कर दून लौटे ओम प्रकाश ने शुरू किया सत्याग्रह","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Dehradun News: उत्तराखंड भ्रमण कर दून लौटे ओम प्रकाश ने शुरू किया सत्याग्रह
विज्ञापन
Iराज्य के मूलभूत मुद्दों की मांगों के लिए गांधी पार्क में बैठे राज्य आंदोलनकारी डंगवालI
प्रदेश में भू-कानून लागू करने, भू-गर्भीय जोन उत्तराखंड में सुरंग निर्माण कार्य बंद कराने समेत विभिन्न मुद्दों को लेकर राज्य आंदोलनकारी ओम प्रकाश डंगवाल ने सत्याग्रह शुरू कर दिया है। उन्होंने बताया कि वह बीते एक साल से उत्तराखंड भ्रमण कर राज्य की मूलभूत समस्याओं को नजदीक से देख रहे थे।
आंदोलनकारी ओम प्रकाश ने बताया कि 8 दिसंबर 1978 को ही राज्य आंदोलकारियों ने अलग उत्तराखंड बनाने की मांग को लेकर दिल्ली में आंदोलन शुरू किया था। लेकिन, राज्य बनने के 23 साल बाद यह आंदोलनकारियों के सपनों का प्रदेश नहीं बन पाया है। इसके चलते ही उन्होंने प्रदेश की मांगों के लिए बीते साल उत्तराखंड भ्रमण शुरू किया था। एक साल में राज्य की कई समस्याओं को देख अब दून में सत्याग्रह शुरू कर दिया है। उन्होंने राज्य के अन्य आंदोलनकारियों को सत्याग्रह में आमंत्रित कर कहा है कि जब तक मांगें पूरी नहीं होतीं तब तक सत्याग्रह जारी रहेगा।
डंगवाल ने बताया कि उनकी मांगों में उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी चयनित आधार वर्ष 1979 को निरस्त करना, राज्य की प्राकृतिक विरासतों को संरक्षण, वनाधिकार कानून 2006 को लागू करना, सुरंगों का निर्माण बंद कर लघु जल विद्युत परियोजना का निर्माण कार्य करना, सुदूर गांवों के गाड-गदेरों व नदियों पर पुलों का निर्माण और मोटर मार्ग बनवाना, जंगली जानवरों से खेती व बागवानी की सुरक्षा व्यवस्था करना, प्रभावशाली भू-कानून व मूल निवास की व्यवस्था करना, शिक्षा व स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को विश्वसनीय बनाना आदि शामिल हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
प्रदेश में भू-कानून लागू करने, भू-गर्भीय जोन उत्तराखंड में सुरंग निर्माण कार्य बंद कराने समेत विभिन्न मुद्दों को लेकर राज्य आंदोलनकारी ओम प्रकाश डंगवाल ने सत्याग्रह शुरू कर दिया है। उन्होंने बताया कि वह बीते एक साल से उत्तराखंड भ्रमण कर राज्य की मूलभूत समस्याओं को नजदीक से देख रहे थे।
आंदोलनकारी ओम प्रकाश ने बताया कि 8 दिसंबर 1978 को ही राज्य आंदोलकारियों ने अलग उत्तराखंड बनाने की मांग को लेकर दिल्ली में आंदोलन शुरू किया था। लेकिन, राज्य बनने के 23 साल बाद यह आंदोलनकारियों के सपनों का प्रदेश नहीं बन पाया है। इसके चलते ही उन्होंने प्रदेश की मांगों के लिए बीते साल उत्तराखंड भ्रमण शुरू किया था। एक साल में राज्य की कई समस्याओं को देख अब दून में सत्याग्रह शुरू कर दिया है। उन्होंने राज्य के अन्य आंदोलनकारियों को सत्याग्रह में आमंत्रित कर कहा है कि जब तक मांगें पूरी नहीं होतीं तब तक सत्याग्रह जारी रहेगा।
विज्ञापन
डंगवाल ने बताया कि उनकी मांगों में उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी चयनित आधार वर्ष 1979 को निरस्त करना, राज्य की प्राकृतिक विरासतों को संरक्षण, वनाधिकार कानून 2006 को लागू करना, सुरंगों का निर्माण बंद कर लघु जल विद्युत परियोजना का निर्माण कार्य करना, सुदूर गांवों के गाड-गदेरों व नदियों पर पुलों का निर्माण और मोटर मार्ग बनवाना, जंगली जानवरों से खेती व बागवानी की सुरक्षा व्यवस्था करना, प्रभावशाली भू-कानून व मूल निवास की व्यवस्था करना, शिक्षा व स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को विश्वसनीय बनाना आदि शामिल हैं।
विज्ञापन