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उत्तराखंड में टाइगर रिजर्व के बाहर भी बढ़ा टाइगर का कुनबा 

Sun, 30 Jul 2017 11:31 AM IST
बिशन सिंह बोरा / अमर उजाला, देहरादून
बिशन सिंह बोरा / अमर उजाला, देहरादून Updated Sun, 30 Jul 2017 11:31 AM IST
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tigers number increasing in uttarakhand
tiger

उत्तराखंड में कार्बेट और राजाजी टाइगर रिजर्व क्षेत्र में ही नहीं बल्कि इसके बाहर भी टाइगर का कुनबा बढ़ा है। अखिल भारतीय स्तर पर की गई गणना में देशभर के 50 टाइगर रिजर्व क्षेत्रों के बाहर (बफर जोन) 433 बाघ मिले हैं, लेकिन टाइगर रिजर्व क्षेत्र के बाहर इनकी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं हैं।

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उत्तराखंड में न सिर्फ टाइगर रिजर्व क्षेत्र बल्कि इसकी बाहर भी इसकी मौजूदगी के प्रमाण मिले हैं। 14 हजार फीट की ऊंचाई वाले अस्कोट, केदारनाथ और खतलिंग में स्नोलैपर्ड के लिए लगाए गए कैमरों में तीन टाइगर ट्रेप हुए हैं। 
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इसके अलावा हरिद्वार चिडियापुर में चार टाइगर, तराई पश्चिमी एवं पूर्वी बफर जोन में भी इसकी मौजूदगी मिली है।

विभागीय अधिकारियों का कहना है कि हल्द्वानी क्षेत्र में गोला कार्फस फंड को इसकी सुरक्षा में लगाया जाता रहा है, लेकिन इसके अलावा अन्य क्षेत्रों के लिए विभाग के पास फंड नहीं हैं। प्रयास किया जा रहा है कि केंद्र एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर से इसके लिए सहयोग किया जाए। 
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 रिजर्व क्षेत्र के बाहर भी टाइगर का कुनबा बढ़ा है। उत्तराखंड में टाइगर रिजर्व क्षेत्र के बाहर 119 बाघ मिले हैं। वहीं देशभर के 50 टाइगर रिजर्व क्षेत्रों के बाहर 433 बाघ मिले हैं। विभाग की ओर से प्रयास किया जा रहा है कि इनकी सुरक्षा के लिए केंद्र एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर से सहयोग किया जाए। 
- डीवीएस खाती, प्रमुख वन संरक्षक (वन्य जीव) उत्तराखंड  

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