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उत्तराखंड से बाघों के संरक्षण को लॉंच होगा कैट्स
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
Updated Sun, 11 Oct 2015 11:11 AM IST
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बाघों के संरक्षण के लिए चलाया जा रहा ग्लोबल कार्यक्रम कंजरवेशन अश्योर्ड टाइगर स्टैंडर्ड (कैट्स) देश में उत्तराखंड से लॉंच होगा।
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कोटद्वार में इसे 12 अक्टूबर से शुरू किया जाएगा। इस मौके पर दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया है। इसके बाद 18 और 19 अक्टूबर को चोरगलिया हल्द्वानी में कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। मुख्य वन संरक्षक (वन्य जीव) धनंजय मोहन ने बताया कि प्रदेश में बाघों की संख्या बढ़ी है। इससे टाइगर रिजर्व के अलावा बाहरी डिवीजनों को बाघों के लिए सुरक्षित किया जा रहा है।
चार सालों के अंदर उत्तराखंड में बाघों की संख्या 226 से बढ़कर 340 हो गई है। आबादी बढ़ने से बाघ अब निश्चित दायरों से निकल कर आसपास के जंगलों में भी विचरण करने लगे हैं। इसे देखते हुए लैंसडाउन, रामनगर, चंपावत, तराई पश्चिमी, तराई पूरबी, हरिद्वार आदि डिवीजनों को बाघों के लिए सुरक्षित स्थान बनाया जा रहा है।
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इसके लिए कैट्स के तहत वनाधिकारियों और कर्मियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। साथ ही बाघों की सुरक्षा के लिए नए सिरे से कार्ययोजना तैयार की जाएगी। कैट्स कार्यक्रम ग्लोबल टाइगर फोरम संचालित कर रही है।
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मुख्य वन संरक्षक (वन्य जीव) धनंजय मोहन ने बताया कि कैट्स के तहत टाइगर रिजर्व के अलावा वन क्षेत्रों बाघों के संरक्षण के अनुरूप बनाया जाएगा। यह कार्यक्रम थाइलैंड, मलयेशिया, इंडोनेशिया आदि देशों में पहले से चल रहा है।
देश में इसे उत्तराखंड से शुरू किया जा रहा है। कार्यक्रम में ग्लोबल टाइगर फोरम, केंद्र और प्रदेश के आला वन अधिकारी शिरकत करेंगे।