घर के आंगन में खेल रहे थे भाई-बहन, मां ने आकर देखा तो पैरों तले खिसक गई जमीन
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सात साल का भाई और तीन साल की बहन घर में खेल रहे थे। मां ने कमरे में जाकर देखा तो उसके पैरों तले जमीन खिसक गई।
गोरापड़ाव स्थित घर में सोमवार की शाम तीन साल की बच्ची मीठा समझकर फसलों में डालने वाली कीटनाशक दवा चाट गई। हालत बिगड़ने पर परिजनों ने उसे बेस अस्पताल में भर्ती कराया।
यहां से सुशीला तिवारी अस्पताल ले जाते समय उसने दम तोड़ दिया। पड़ोसियों ने आरोप लगाया कि जहर बड़े भाई ने खिलाया है लेकिन पुलिस का कहना है कि बड़ा भाई मानसिक रूप से कमजोर हैं।
बरेली जिले के बहेड़ी मंगतपुर का मूल निवासी पूरनलाल गोरापड़ाव में रहकर बटाईदार का काम करता है। सोमवार को उसकी पत्नी बाहर कपड़े धो रही थी। पति काम करने के लिए तीन पानी चला गया था। कमरे में तीन साल की बेटी पलक और सात साल का बेटा देवेश खेल रहे थे।
मां कुछ देर बाद कमरे में गई तो बेटी को बेहोश देख उसके होश उड़ गए। परिजन बच्ची को लेकर बेस अस्पताल पहुंचे। डॉक्टरों ने जहर खा लेने की बात कही। प्राथमिक उपचार करने के बाद उसे सुशीला तिवारी अस्पताल ले जाने की सलाह दी।
पिता बेटी को लेकर एसटीएच जा रहा था लेकिन उसने रास्ते में दम तोड़ दिया। इस बीच पुलिस को सूचना मिली कि बड़े भाई 20 वर्षीय ओमपाल ने बहन को जहर पिला दिया है लेकिन परिजनों ने इनकार कर दिया।
उनका कहना था कि खेलते-खेलते पलक ने फसलों में डालने वाली दवा को मिठाई समझकर चाट है जिससे उसकी मौत हुई है। मंडी पुलिस ने घर से शव को लेकर पोस्टमार्टम कराया।
चौकी प्रभारी राजेंद्र कुमार का कहना है कि इस मामले में अभी कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है। आरोप पड़ोसियों ने सिर्फ मौखिक रुप से लगाया था। बड़े भाई की मानसिक हालत भी ठीक नहीं है। यदि लिखित शिकायत आई तो जांच की जाएगी।