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राजभवन ने फिर रोके तीन निजी विवि के विधेयक, नहीं दी मंजूरी

Wed, 07 Dec 2016 02:58 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो/ अमर उजाला, देहरादून Updated Wed, 07 Dec 2016 02:58 AM IST
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three private university bill not get approval.
गवर्नर केके पॉल - फोटो : amar ujala

कुलपति के चयन में राज्यपाल का प्रतिनिधित्व न मानने वाले तीन विश्वविद्यालयों की स्थापना से संबंधित विधेयक अटक गए हैं। जिस एक हिमालयन गढ़वाल निजी विवि विधेयक (2016) में राजभवन की संस्तुतियों को माना गया है, उसे राजभवन ने मंजूरी प्रदान कर दी है। गौरतलब है कि पूर्व में भी चारों विधेयकों को राजभवन लौटा चुका है, बावजूद इसके उन्हीं कमियों के साथ तीन विवि के बिल दोबारा भेज दिए गए।

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गैरसैंण के पूर्व देहरादून में आयोजित विधानसभा सत्र में भगवंत ग्लोबल निजी विश्वविद्यालय कोटद्वार, रासबिहारी बोस सुभारती विश्वविद्यालय, सरदार भगवान सिंह विश्वविद्यालय उत्तराखंड विधेयक-2016 और हिमालयन गढ़वाल निजी विवि विधेयक (2016) को विधानसभा में पारित किया गया था।
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अंतिम मंजूरी के लिए सभी बिल राजभवन भेजे गए। इनमें से किसी ने भी कुलपति के चयन में राज्यपाल का प्रतिनिधित्व बेहतर ढंग से परिभाषित नहीं किया था। नतीजा, राजभवन ने इस खामी की ओर इंगित करते हुए शासन को इन्हें दुरुस्त कराने की सलाह दी। वहीं गैरसैंण सत्र में इन विवि के बिल दोबारा पास करवाकर राजभवन को भेज दिए गए।
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सूत्रों के मुताबिक चार में से तीन बिलों में राजभवन की संस्तुति को नहीं माना गया। नतीजा सिर्फ एक हिमालयन गढ़वाल निजी विवि विधेयक को ही राज्यपाल की मंजूरी मिल सकी। राजभवन द्वारा दी गई अधिकृत जानकारी के मुताबिक अन्य तीन बिलों को मंजूरी से पूर्व कुछ बातें स्पष्ट करने के मकसद से संबधित अधिकारी से वार्ता की कार्रवाई की जा रही है। 

16 बिल आए, 12 पास

three private university bill not get approval.
गैरसैंण सत्र - फोटो : AmarUjala

राजभवन ने बीते माह 17 और 18 नवंबर को गैरसैंण में आयोजित दो दिवसीय विधानसभा सत्र में पारित विधेयकों में से 16 विधेयकों की पत्रावलियां प्रस्तुत किए जाने की बात कही है। साथ ही यह भी कहा है कि इसमें से 12 को मंजूरी दी जा चुकी है और चार पर कार्रवाई की जा रही है।

राजभवन की ओर से जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि इस बाबत गलत जानकारियां फैलाई जा रही हैं कि उन्हें सत्र में पास सभी 25 विधेयक भेजे गए हैं। राजभवन द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक विधानसभा में पारित उत्तराखंड चिकित्सा चयन बोर्ड (संशोधन विधेयक-2016), उत्तराखंड परिवहन और नागरिक अवस्थापना उपकर (संशोधन विधेयक-2016), उत्तराखंड जमींदारी विनाश और भूमि व्यवस्था, उत्तराखंड कूड़ा फेंकना एवं थूकना प्रतिषेध, उत्तराखंड विनियोग 2016-2017 का प्रथम अनुपूरक, उत्तराखंड मदरसा शिक्षा परिषद (संशोधन), उत्तराखंड चलचित्र (विनियम) संशोधन विधेयक 2016 की मंजूरी संबंधी सात पत्रावलियां राजभवन को 25 नवंबर की शाम को प्राप्त हुई थी। जिन पर मंजूरी संबंधी प्रक्रिया पूर्ण कर पत्रावली विधान सभा को लौटा दी गई।

इनमें से 28 नवंबर को राजभवन ने उत्तराखंड कृषि उत्पाद मंडी (विकास एवं विनियमन), हिमालयन गढ़वाल निजी विवि विधेयक (2016), उत्तराखंड राज्य किसान आयोग, उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा (संशोधन), उत्तराखंड जिला योजना समिति (संशोधन) संबंधी पांच विधेयकों की पत्रावलियों को मंजूरी देते हुए विधान सभा को फाइल वापस भेजी जा चुकी हैं।

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