अचानक पानी बढ़ने से नदी के टापू में फंसी तीन जान
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समय पर भागीरथी नदी को चैनलाइज नहीं किए जाने के दुष्परिणाम सामने आने लगे हैं।
सैंज आर्य विहार आश्रम के पास नदी को चैनलाइज करने में जुटी एक पोकलेंड मशीन के साथ दो ऑपरेटर और एक हेल्पर पानी बढ़ने के कारण दो दिन से नदी के टापू में फंसे हुए हैं।
बृहस्पतिवार को रस्सी के सहारे नदी में फंसे लोगों को आवश्यक सामग्री पहुंचाई जा रही है।
पानी की तेजी से बचाव कार्य में बाधा
बुधवार को सैंज में आर्य विहार आश्रम के पास नदी को चैनलाइज करने उतरी एक पोकलेंड मशीन खराब हो गई। साथ ही नदी में पानी बढ़ने के कारण मशीन के साथ ऑपरेटर संजय, राकेश और एक हेल्पर नदी के टापू में फंस गए हैं।
सिंचाई विभाग के ठेकेदार फंसे लोगों को रस्सी के सहारे भोजन-पानी पहुंचा रहे हैं।
मैकेनिक को मशीन तक पहुंचाने के प्रयास सफल नहीं हो पा रहे हैं। पानी बढ़ने के साथ इन लोगों की जान पर खतरा बढ़ता जा रहा है।
इसलिए करते हैं नदी को चैनलाइज
लगातार दो सालों की बाढ़ में भारी मलबा जमा होने से भागीरथी नदी के तटवर्ती हिस्सों पर खतरा मंडरा रहा है। खतरा टालने के लिए मलबे को समय रहते हटाने और नदी को बीच में डाइवर्ट करने के लिए चैनलाइज करना जरूरी था।
सरकारी स्तर पर हुई लेट लतीफी के कारण अभी तक न तो नदी पूरी तरह चैनलाइज हो पाई है और न ही नदी में जमा मलबा हटाया जा सका है। अब भागीरथी नदी में पानी बढ़ने पर ये दोनों ही काम मुश्किल हो गए हैं।
एडीएम ने भेजी मदद
सैंज के पास नदी के बीच एक मशीन पर कुछ लोगों के फंसे होने की सूचना मिली है। इन्हें निकालने के लिए रस्सी आदि भेजी गई है। शीघ्र इन्हें निकालने के प्रयास किए जा रहे हैं।
-बीके मिश्रा, एडीएम उत्तरकाशी।