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उत्तराखंडः बक्से के अंदर दम घुटने से तीन मासूमों की दर्दनाक मौत, पूरे गांव में छाया मातम

Mon, 21 May 2018 09:51 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Updated Mon, 21 May 2018 09:51 AM IST
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Three children died due to suffocation in dharchula
प्रतीकात्मक तस्वीर

धारचूला के ग्राम पंचायत खुमती के मल्ला खुमती तोक में शनिवार को एक बड़ी दिल दहलाने वाली घटना घटी है। खुम्ती गांव में भकार (अनाज रखने के लिए बना लकड़ी का बक्सा) के भीतर दम घुटने से तीन मासूमों की मौत हो गई।

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घटना के वक्त घर पर इन तीनों को छोड़ कोई मौजूद नहीं था। माता-पिता जंगल गए थे, जबकि दादा घर के बाहर खेत पर काम कर रहे थे।

देर शाम जब दादा घर लौटे तो इस अनहोनी का पता चला। आशंका जताई जा रही है कि खेल-खेल में बच्चे भकार के भीतर गए होंगे लेकिन ढक्कन न खोल सकने से बाहर नहीं निकल सके होंगे। हादसे से पूरा क्षेत्र शोक में डूबा हुआ है।
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काफी देर तक बक्से के न खुलने से बच्चों का दम घुटने लगा

Three children died due to suffocation in dharchula
बॉक्स - फोटो : demo pic.
राजस्व पुलिस के मुताबिक शनिवार को धारचूला से 14 किलोमीटर दूर खुम्ती गांव के सुरेंद्र सिंह दानू की बेटी निशा (10), सपना (7) और बेटा कार्तिक (5) घर में खेल रहे थे।

तीनों खेलते हुए भकार के अंदर छुप गए, ढक्कन नहीं खुलने की वजह से तीनों बाहर नहीं आ पाए और दम घुटने से तीनों की मौत हो गई।

घर में कोई नहीं था इस वजह से किसी ने उनकी चीख-पुकार भी नहीं सुनी। माता-पिता छियाकोट में कीड़ाजड़ी दोहन के लिए गए थे, जबकि दादा सरपंच खुशाल सिंह घर के बाहर खेत में काम कर रहे थे। की हालत में हैं।

मासूमों के शव देखकर परिजनों में कोहराम मच गया

Three children died due to suffocation in dharchula
डेमो - फोटो : डेमो
देर शाम दादा खुशाल घर लौटे तो बच्चे नजर नहीं आए। इसके बाद खोजबीन शुरू हुई तो बच्चों की चप्पलें भकार के बाहर मिलीं। उन्होंने भकार खोला तो होश उड़ गए। भीतर तीनों बच्चे बेसुध मिले। बच्चों को बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उनकी नब्ज थम चुकी थी। 

घटना का पता चलते ही गांव में शोक की लहर दौड़ गई। बड़ी संख्या में ग्रामीण शोक-संवेदना जताने पहुंचे। रविवार को जानकारी मिलने पर तहसीलदार ललित मोहन तिवारी एवं पटवारी हुकुम सिंह धामी ने घटनास्थल का दौरा किया और हादसे की जानकारी जुटाई।

रविवार शाम चार बजे मासूमों के माता-पिता भी उच्च हिमालयी क्षेत्र से घर लौट आए। मासूमों के शव देखकर परिजनों में कोहराम मच गया। हादसे के बाद माता-पिता और दादा सदमे में हैं।
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