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Dehradun News: घर में घुसकर मारपीट करने के मामले में तीन आरोपी बरी
Tue, 04 Aug 2026 10:39 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देहरादून
संवाद न्यूज एजेंसी, देहरादून
Updated Tue, 04 Aug 2026 10:39 PM IST
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अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश नंदन सिंह की अदालत ने केसरबाग निवासी तिलकराज शर्मा, अरुण उर्फ आशु और शारदा को घर में घुसकर मारपीट करने के मामले में दोषमुक्त कर दिया। अदालत ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के 21 जनवरी 2023 के दोष सिद्धि आदेश को निरस्त करते हुए तीनों आरोपियों की आपराधिक अपील स्वीकार कर ली।
वर्ष 2012 में विकासनगर कोतवाली में दर्ज मुकदमे में तीनों आरोपियों को मारपीट, चोट पहुंचाने और जबरन घर में घुसने के तहत दोषी ठहराया गया था। इसके विरुद्ध आरोपियों ने सत्र न्यायालय में अपील दायर की। सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि अभियोजन पक्ष के गवाहों के बयानों में महत्वपूर्ण विरोधाभास हैं। घटना की एफआईआर दर्ज कराने में देरी का संतोषजनक कारण भी नहीं बताया गया।
प्रमुख गवाहों के बयान एक-दूसरे का समर्थन नहीं करते, जबकि चिकित्सकीय साक्ष्य भी अभियोजन के घटनाक्रम से मेल नहीं खाते। अदालत ने यह भी माना कि स्वतंत्र और विश्वसनीय साक्ष्यों के अभाव में अभियोजन आरोपों को संदेह से परे सिद्ध करने में असफल रहा। इन्हीं आधारों पर न्यायालय ने संदेह का लाभ देते हुए तीनों आरोपियों को बरी कर दिया और निचली अदालत का फैसला निरस्त कर दिया।
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वर्ष 2012 में विकासनगर कोतवाली में दर्ज मुकदमे में तीनों आरोपियों को मारपीट, चोट पहुंचाने और जबरन घर में घुसने के तहत दोषी ठहराया गया था। इसके विरुद्ध आरोपियों ने सत्र न्यायालय में अपील दायर की। सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि अभियोजन पक्ष के गवाहों के बयानों में महत्वपूर्ण विरोधाभास हैं। घटना की एफआईआर दर्ज कराने में देरी का संतोषजनक कारण भी नहीं बताया गया।
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प्रमुख गवाहों के बयान एक-दूसरे का समर्थन नहीं करते, जबकि चिकित्सकीय साक्ष्य भी अभियोजन के घटनाक्रम से मेल नहीं खाते। अदालत ने यह भी माना कि स्वतंत्र और विश्वसनीय साक्ष्यों के अभाव में अभियोजन आरोपों को संदेह से परे सिद्ध करने में असफल रहा। इन्हीं आधारों पर न्यायालय ने संदेह का लाभ देते हुए तीनों आरोपियों को बरी कर दिया और निचली अदालत का फैसला निरस्त कर दिया।
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