इस साल फरवरी में हुई औसत से दो सौ प्रतिशत ज्यादा बारिश, छह वर्षों का तोड़ा रिकॉर्ड
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छह वर्षों बाद बारिश ने नया रिकॉर्ड बनाया है। नैनीताल जिले में फरवरी में सामान्य से दो सौ प्रतिशत अधिक बारिश हुई जबकि मार्च पहले सप्ताह में बारिश रिकॉर्ड बना चुकी है। फरवरी में पश्चिमी विक्षोभ इस वर्ष आठ बार सक्रिय हुआ। जबकि अकसर फरवरी में पश्चिमी विक्षोभ तीन से चार बार सक्रिय होता है। पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने के कारण मौसम बिगड़ा।
पर्वतीय क्षेत्रों में जमकर बर्फबारी हुई तो मैदानी क्षेत्रों में बदरा जमकर बरसे। फरवरी माह की औसत बारिश 41 मिली मीटर है। फरवरी 2014 में 63.0 मिली मीटर बारिश हुई थी। जबकि फरवरी 2019 में 84.9 मिली मीटर बारिश हुई। मार्च के प्रथम सप्ताह में 9.9 मिली मीटर बारिश होनी चाहिए, मगर अभी तक 16.2 मिली मीटर बारिश हो चुकी है।
वर्ष - बारिश (मिमी में)
2014 63.0
2015 35.5
2016 12.5
2017 15.0
2018 12.5
2019 84.9
मौसम बुलेटिन
सामान्य तौर पर पश्चिमी विक्षोभ चार बार सक्रिय होता है। इस वर्ष फरवरी में पश्चिमी विक्षोभ आठ बार सक्रिय हुआ। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के कारण ही बारिश और बर्फबारी अधिक हुई।
- डॉ. आरके सिंह मौसम वैज्ञानिक, पंतनगर विश्वविद्यालय
राज्य मौसम विज्ञान केंद्र ने आंशिक रूप से बादल छाए रहने और उत्तराखंड में मौसम शुष्क रहने की संभावना जताई है। बुधवार को हल्द्वानी का अधिकतम तापमान 25.0 और न्यूनतम तापमान 8.8 डिग्री सेल्सियस रहा। अधिकतम तापमान सामान्य से दो डिग्री सेल्सियस कम रहा। मुक्तेश्वर में अधिकतम तापमान 11.6 और न्यूनतम तापमान 2.1 डिग्री सेल्सियस रहा। अधिकतम तापमान सामान्य से पांच डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान सामान्य से दो डिग्री सेल्सियस कम रहा। नैनीताल का अधिकतम तापमान 14 और न्यूनतम 5डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।