फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   this resolution shall give child to devotees

यह संकल्प लेने से होगी संतान की प्राप्ति

Sat, 16 Nov 2013 11:01 AM IST
अमर उजाला, श्रीनगर
अमर उजाला, श्रीनगर Updated Sat, 16 Nov 2013 11:01 AM IST
विज्ञापन
this resolution shall give child to devotees

श्रीनगर स्थित ऐतिहासिक कमलेश्वर महादेव मंदिर में बैकुंठ चतुर्दशी को संतान प्राप्ति के लिए 150 श्रद्घालुओं ने खड़े दीये का संकल्प लिया।

विज्ञापन


पढ़ें, इधर सीएम कुर्सी से उठे, उधर सचिन आउट
विज्ञापन


दो दिवसीय इस धार्मिक आयोजन की शुरुआत शुक्रवार से हुई। इस दौरान क्षेत्र के हजारों श्रद्धालु मंदिर में दीपदान करने पहुंचे। ऐतिहासिक बैकुंठ चतुर्दशी मेले को लेकर स्थानीय निवासियों में उत्साह देखा गया। शाम से हजारों की संख्या में श्रद्धालु कमलेश्वर महादेव मंदिर में दीपदान के लिए जुटने लगे थे।
विज्ञापन
विज्ञापन


लक्ष बत्तियां अर्पित करने पहुंचे श्रद्धालु
महंत आशुतोष पुरी ने शाम चार बजे से विशेष पूजा कर इस महाआयोजन का शुभारंभ किया। इसके बाद शाम करीब सात बजे से चतुर्दशी तिथि लगने के साथ ही दीपदान का कार्यक्रम शुरू हुआ। आस-पास के ग्रामीण क्षेत्रों से भी भारी संख्या में श्रद्धालु भगवान शंकर को लक्ष बत्तियां अर्पित करने पहुंचे।

शाम को मुहूर्त के अनुसार महंत ने सभी दंपतियों को खड़े दीये का संकल्प दिलवाया। मान्यता है कि बैकुंठ चतुर्दशी के दिन खड़ा दिया लेने वाले निसंतान दंपतियों को कमलेश्वर महादेव की कृपा से संतान प्राप्ति होती है।

पढ़ें, केदारनाथ में अब एक साल बाद होगी शवों की तलाश

महंत आशुतोष पुरी के मुताबिक इस बार खड़े दीये के लिए 202 श्रद्धालुओं ने रजिस्ट्रेशन करवाया था, मगर शुक्रवार देर शाम तक 150 लोग ही मंदिर समिति के पास अपनी उपस्थिति दर्ज करवा पाए थे।

खड़ा दीया लेने वाले दंपति संतान के लिए पूरी रात हाथों में जलता दीपक लिए खड़े रहेंगे। अगली सुबह सभी लोग गंगा स्नान के बाद फिर कमलेश्वर महादेव से आशीर्वाद लेंगे।


खड़े दीये में शामिल होने पहुंचे श्रद्धालु
देश के कई शहरों से श्रद्धालु कमलेश्वर महादेव मंदिर में खड़े दीये में शामिल होने के लिए पहुंचे हैं। इनमें लखनऊ, मुंबई, सहारनपुर, दिल्ली, हरियाणा, देहरादून, पंचकुला, प्रतापगढ़, सुल्तानपुर, इलाहाबाद, आगरा, जम्मू के दंपति भी शामिल हैं।

बैकुंठ चतुर्दशी के अवसर पर कमलेश्वर महादेव मंदिर में आयोजित होने वाले खड़े दीये के लिए जम्मू से आए आरती देवी और शंकर सिंह कहते हैं कि छह वर्ष विवाह को हुए, लेकिन घर में किलकारी नहीं गूंजी। इलाज भी कराया, सफलता नहीं मिली। अब बड़ी आस लेकर यहां पहुंचे हैं।

बड़ी आस्था से आते हैं भक्त
प्रतापगढ़ से पहुंचे सारू विश्वकर्मा ने बताया कि 15 वर्ष विवाह को हो गए, सभी चिकित्सकीय जांचें करा ली गई हैं। उनके किसी दूर के रिश्तेदार के यहां खड़ा दीया होने के बाद बच्चे ने जन्म लिया, सो हम भी बड़ी आस्था से यहां आए हैं।

पंचकुला हरियाणा से कुसुम शर्मा व मधु परमार, लखनऊ से अराधना गुप्ता, मुंबई से संगीता बुटोला, महाराष्ट्र के पूना से निधि बलूनी, चंडीगढ़ से आशा, अमेरिका निवासी निधि वर्मा के लिए देहरादून निवासी निधि की ननद संगीता बिरवानी ने खड़े दीये का व्रत रखा है। उत्तराखंड के विभिन्न हिस्सों से भी खड़े दीये में कई दंपति भाग लेने पहुंचे हैं।

फेसबुक पर राय देने के लिए क्लिक करें---

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed