इस मौसम में जरूर मानें डॉक्टरों की ये सलाह, वरना बढ़ जाएगा बीमारी का खतरा
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बरसात के सीजन में त्वचा से संबंधित सबसे ज्यादा बीमारी होने का खतरा रहता है। अस्पतालों में पहुंचने वाले सौ में से अस्सी मरीज फंगल इंफेक्शन के होते हैं। लेकिन थोड़ी सी एहतियात बरतकर त्वचा संबंधी रोगों से बचा जा सकता है।
शहर के त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉक्टर संदीप शर्मा ने अमर उजाला के चिकित्सक की सलाह लोगों को कुछ एहतियात बताएं। डॉक्टर संदीप शर्मा का कहना है कि बरसात के सीजन में फंगल इंफेक्शन बहुत सामान्य बात होती है, क्योंकि इस समय बहुत सारे वायरस सक्रिय रहते हैं।
बाहर का खाना त्वचा संबंधी रोगों में बहुत संवेदनशील
ऐसे में थोड़ी सी असावधानी से त्वचा संबंधी रोग होने लगते हैं। उन्होंने बताया कि इस समय जितने भी मरीज उनके पास आ रहे हैं उनमें से करीब 80 मरीजों को दाद, खाज, खुजली की शिकायत है। इसका प्रमुख कारण यह है कि बारिश में भीगने पर यदि हम तुरंत शरीर को साफ नहीं करते हैं तो बीमारी हो जाती है। इसलिए जरूरी है कि यदि बदन गीला है तो तुरंत उसे साफ सूखे कपड़े से पोंछें और दूसरे कपड़े पहनें।
डॉक्टर संदीप शर्मा ने कहा कि बाहर का खाना त्वचा संबंधी रोगों में बहुत संवेदनशील है। किसी भी व्यक्ति को बाहर का खाना नजरअंदाज करना चाहिए। बरसात के दिनों में खाने की चीजों में तमाम तरह के कीटाणु बहुत जल्दी सक्रिय हो जाते हैं और मनुष्य के शरीर में जाकर मैं अपना दुष्प्रभाव दिखाते हैं।
हरी सब्जी और ताजे फल खाएं
डॉक्टर संदीप शर्मा की सलाह है कि इस सीजन में हरी सब्जी और मौसमी ताजे फल खाने की सलाह दी। उनका कहना है कि रसीले फल खाने से आदमी ज्यादा स्वस्थ रहता है और त्वचा संबंधी रोग होने की संभावना कम रहती है। बदलती आबोहवा मैं प्रदूषण की मात्रा बढ़ने को भी उन्होंने रोगों का कारण बताया।
तेज धूप से भी बचने की सलाह
तेज धूप से भी त्वचा संबंधी रोग हो जाते हैं। इसलिए पूरी आस्तीन वाले कपड़े और सनस्क्रीन पहनकर चलना चाहिए। यदि थोड़ी सी सावधानी बरतेंगे तो त्वचा संबंधी रोगों से बचा जा सकता है। थोड़ी सी लापरवाही आपकी त्वचा को नुकसान पहुंचा सकती है।