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पंचायतों में घपलों की पोल खुलेगी थर्ड पार्टी सोशल ऑडिट
भूपेंद्र राणा/ अमर उजाला, देहरादून
Updated Sun, 23 Jul 2017 12:36 PM IST
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केंद्र और राज्य सरकार की ओर से पंचायतों को विकास कार्यों के लिए स्वीकृत धन में अब घपलों की पोल खुलेगी। उत्तराखंड में पहली बार सरकार पंचायतों का थर्ड पार्टी सोशल ऑडिट कराने जा रही है।
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पहले चरण में ऊधमसिंह नगर के खटीमा और देहरादून जनपद के सहसपुर ब्लाक की 10-10 पंचायतों को ऑडिट के लिए चयन किया गया है। पारदर्शिता के साथ ऑडिट कराने के लिए प्रदेश के अधिकारियों को इससे बाहर रखा गया। थर्ड पार्टी के रूप में उत्तर प्रदेश और झारखंड राज्य के वरिष्ठ अधिकारी पंचायतों का ऑडिट करेंगे।
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विकास कार्यों के साथ ही कल्याणकारी योजनाओं के तहत स्वीकृत धनराशि को पंचायतों में किस तरह खर्च किया गया। इसका खुलासा सोशल ऑडिट में होगा। उत्तराखंड की 7958 पंचायतों में केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं के तहत खर्च किए गए पैसे का आज तक ऑडिट नहीं किया गया। जबकि पंचायतों में हर साल विकास कार्यों पर करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं।
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पहली बार मनरेगा, मिड डे मील जैसे तमाम योजनाओं में खर्च की गई राशि का हिसाब लिया जाएगा। पहले चरण में प्रदेश की 20 पंचायतों में 24 जुलाई से ऑडिट शुरू होगा और 2 अगस्त तक चलेगा। ग्राम्य विकास विभाग की ओर से उन सभी विभागों को ऑडिट के बारे में सूचित किया गया। जिनके माध्यम से विभिन्न योजनाओं के तहत पंचायतों को बजट जारी किया जा रहा है।
14वें वित्त से पंचायतों को हर साल 339 करोड़
14वें वित्त के तहत राज्य की पंचायतों को हर साल विकास कार्यों के लिए करीब 339 करोड़ की राशि जारी की जाती है। आने वाले पांच सालों में करीब 434 करोड़ रुपये की राशि पंचायतों को जारी होनी है। केंद्र सरकार की ओर से भी विकास कार्यों का पैसा सीधे पंचायतों को दिया जा रहा है। अब केंद्र के साथ राज्य सरकार भी खर्च किए गए पैसे का हिसाब-किताब भी लेगी।
खटीमा व सहसपुर ब्लाक की 20 पंचायतें चयनित
सोशल ऑडिट के लिए पहले चरण में ऊधमसिंह नगर के खटीमा और देहरादून जनपद के सहसपुर ब्लाक की 20 पंचायतों को चयनित किया गया। जिसमें खटीमा ब्लाक की उमरूखुर्द, भूडमहोलिया, अमाऊ, बंदिया, फुलैया, सबौरा, गांगी, दियां, सरपूड़ा, चांदा और सहसपुर ब्लाक की कोटड़ा, लक्ष्मीपुर, कारवारी ग्रांट, छरबा, रिखौली, मिसरास पट्टी, गुजराड़ा करणपुर, आरकेडिया ग्रांट, भुड्डी, अटक फार्म पंचायतें शामिल हैं।
पंचायतों में आज तक सोशल ऑडिट नहीं हुआ था। पहली बार प्रदेश की सभी पंचायतों का ऑडिट किया जा रहा है। ऑडिट में केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं के तहत पंचायतों में खर्च की गई राशि का हिसाब चेक किया जाएगा। इस बारे में प्रमुख सचिव मनीषा पंवार की ओर से संबंधित विभागों को दिशा निर्देश जारी किए गए हैं।
- राम विलास यादव, अपर सचिव, ग्राम्य विकास