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Dehradun News: गुलदार के मूवमेंट से पशुपालक चिंतित
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क्षेत्र में इन दिनों गुलदार के आतंक से लोगों में दहशत का माहौल है। गुलदार अब तक कई मवेशियों को मार चुका है। ग्रामीणों को पशुधन की चिंता सता रही है। उन्हाेंने वन विभाग से गुलदार के आतंक से निजात दिलाने की मांग की है।
साहिया व आसपास के क्षेत्रों में कई दिनों से गुलदार का मूवमेंट बना हुआ है। वह अब तक अलसी गांव में चतर सिंह बिष्ट की छह बकरियां, गुलाब सिंह, सरदार सिंह की दो-दो, जड़वाला में मोहर सिंह की दो, गोपाल सिंह की तीन बकरियों और एक गाय को मार चुका है। संतन सिंह की दो और जाडप सिंह की भी चार बकारियों का शिकार कर चुका है। पंजिया गांव में गत एक साल में छह बकरियों को मार चुका है। निथला गांव में गुलदार एक व्यक्ति पर भी झपटा था। कालसी-चकराता मोटरमार्ग पर भी गुलदार सक्रिय है। पशुपालक मवेशियों को जडवाला, चरगाड खड्ड, मोका खड, स्वाडा खड्ड, दातनु बडनु खड्ड आदि जगहों पर चराने नहीं ले जा पा रहे हैं। रीवर रेंज के रेंज अधिकारी अनिल कुमार भट्ट ने बताया कि गुलदार के मूवमेंट को देखते हुए लगातार गश्त की जा रही है। ग्रामीणों को जागरूक भी किया जा रहा है। गुलदार के हमले में पशु के मारे जाने पर मुआवजे का प्राविधान है।
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साहिया व आसपास के क्षेत्रों में कई दिनों से गुलदार का मूवमेंट बना हुआ है। वह अब तक अलसी गांव में चतर सिंह बिष्ट की छह बकरियां, गुलाब सिंह, सरदार सिंह की दो-दो, जड़वाला में मोहर सिंह की दो, गोपाल सिंह की तीन बकरियों और एक गाय को मार चुका है। संतन सिंह की दो और जाडप सिंह की भी चार बकारियों का शिकार कर चुका है। पंजिया गांव में गत एक साल में छह बकरियों को मार चुका है। निथला गांव में गुलदार एक व्यक्ति पर भी झपटा था। कालसी-चकराता मोटरमार्ग पर भी गुलदार सक्रिय है। पशुपालक मवेशियों को जडवाला, चरगाड खड्ड, मोका खड, स्वाडा खड्ड, दातनु बडनु खड्ड आदि जगहों पर चराने नहीं ले जा पा रहे हैं। रीवर रेंज के रेंज अधिकारी अनिल कुमार भट्ट ने बताया कि गुलदार के मूवमेंट को देखते हुए लगातार गश्त की जा रही है। ग्रामीणों को जागरूक भी किया जा रहा है। गुलदार के हमले में पशु के मारे जाने पर मुआवजे का प्राविधान है।
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