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उत्तराखंड की ये जातियां एससी में होंगी शामिल
अमर उजाला, देहरादून
Updated Sat, 23 Nov 2013 08:34 AM IST
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उत्तराखंड मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने राज्य की तीन जातियों को अनुसूचित जनजाति में शामिल करने की पैरवी की है।
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केंद्रीय सामाजिक न्याय व अधिकारिता मंत्री कुमारी शैलजा से मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य की तरफ से यह प्रस्ताव रखा। मुख्यमंत्री ने दिल्ली में केंद्रीय मंत्री शैलजा को प्रस्ताव सौंप राज्य में निवास करने वाली नमो शूद्र, पोड/पोंड्रा व राय सिख जातियों को अनुसूचित जाति में शामिल करने का अनुरोध किया है।
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केंद्र को भेजा जा चुका है प्रस्ताव
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस बाबत विधानसभा से प्रस्ताव पास कर केंद्र को भेजा जा चुका है। मई 2012 में केंद्र सरकार को पत्र भी भेजा गया था। केंद्र सरकार ने इन जातियों से जुड़े कुछ और तथ्य मांगे थे, जो जल्द उपलब्ध करा दिए जाएंगे।
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बताया कि राय सिख जाति के सामाजिक आर्थिक एवं नृजातीय (रहन-सहन से लेकर जीवन संस्कृति) सर्वेक्षण का काम दून विश्वविद्यालय कर रहा है।
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वहीं, नमो शूद्र एवं पोड/पोंड्रा जातियों की सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति पर वर्ष 2009 में पंतनगर विवि सर्वेक्षण कर चुका है। उधर केंद्रीय मंत्री कुमारी शैलजा ने कहा कि उत्तराखंड में विकलांगों की मदद के लिए राज्य में एक मेगा कैंप लगाकर विकलांगों को उपकरण वितरित करने के साथ ही दैवी आपदा में विकलांग हुए लोगों को मानको में छूट देने पर भी विचार होगा।
साथ ही केंद्रीय मंत्री ने मंत्रालय के सहयोग से संचालित संगठनों की समीक्षा करने व नए संगठनों को अवसर प्रदान करने के लिए आगामी सात दिसंबर को देहरादून में बैठक करने को हामी भी भर दी है।
ये है जातियां:
नमो शूद्र : यूएसनगर में निवास कर रहे बांग्लादेश से आए शरणार्थी। पश्चिम बंगाल में अनुसूचित जाति में शामिल हैं। अभी केवल अनुसूचित जाति के लिहाज से छात्रवृत्ति का लाभ मिल रहा है।
पोड/पोंड्रा : यह भी बंगाली समुदाय और यूएसनगर के गदरपुर, रुद्रपुर व सितारगंज ब्लॉक में निवास करते हैं। शक्ति फार्म में भी हैं। यह बिरादरी भी पश्चिम बंगाल में एससी में शामिल है।
राय सिख : अभी ओबीसी में शामिल हैं। देहरादून, हरिद्वार, यूएसनगर व नैनीताल जिले में निवास करते हैं।
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