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सावन का पहला सोमवार कल, बन रहा विशेष संयोग
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भगवान शिव का प्रिय सावन महीना बीते बृहस्पतिवार से शुरू हो गया है। ऐसे में माह का पहला सोमवार कल (18 जुलाई) को पड़ रहा। मान्यता है कि इस महीने जो व्यक्ति भगवान शिव की पूजा व सोमवार व्रत रखता है, उसकी सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
सावन के महीने भर शहर भर के शिवालयों में आस्था का सैलाब उमड़ेगा। हर तरफ भोले की जयकारे होंगे। मंदिरों में विशेष आयोजन किए जाएंगे। वहीं, घरों में भी श्रद्धालु व्रत एवं पूजन पाठ कर शिव की आराधना करेंगे। इन सबको ध्यान में रखते हुए मंदिर समिति के साथ भक्तों ने भी तैयारियां शुरू कर दी है। ज्योतिषाचार्य डॉ. आचार्य सुशांत राज ने कहा कि सावन मास को हिंदू धर्म में बेहद पवित्र माना गया है। इस महीने में भगवान शंकर की पूजा का विधान है। सावन का महीना पूरी तरह से भगवान शिव को समर्पित है। इस बार सावन का महीना 14 जुलाई से शुरू हुआ है, जो 12 अगस्त तक चलेगा। सावन को श्रावण महीना भी कहा जाता है। इस महीने में पड़ने वाले सोमवार व्रतों का भी विशेष महत्व होता है।
कहा कि इस बार सावन के हर सोमवार खास रहने वाले हैं। सावन के हर सोमवार को शुभ संयोग बन रहे हैं। सावन मास के सोमवार के दिन विशेष रूप से शिव और मां पार्वती की पूजा की जाती है और कई लोग व्रत भी रखते हैं। इस बार सावन में कुल चार सोमवार पड़ेंगे। पहला सोमवार 18 जुलाई को, दूसरा 25 जुलाई को, तीसरा एक अगस्त को और चौथा सोमवार आठ अगस्त को पड़ेगा। वहीं, पंडित विष्णु प्रसाद भट्ट ने बताया कि सावन मास के सोमवार का विशेष महत्व है। सावन का महीना 30 दिनों का होगा। 24 जुलाई को कामिका एकादशी, 26 जुलाई को मासिक शिवरात्रि एवं प्रदोषव्रत, 31 जुलाई को हरियाली तीज, दो अगस्त को नागपंचमी, आठ अगस्त को पुत्रदा एकादशी, नौ अगस्त को प्रदोष व्रत, 11 अगस्त को रक्षाबंधन व 12 अगस्त श्रावणी पूर्णिमा का पर्व मनाया जाएगा।
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मंदिरों में होंगे विशेष धार्मिक आयोजन
सावन माह को लेकर शहरभर के मंदिरों में धार्मिक आयोजन शुरू हो गए हैं। सावन के पहले सोमवार को लेकर मंदिरों में विशेष तैयारियां की गई हैं। प्राचीन टपकेश्वर महादेव मंदिर के महंत कृष्णागिरी महाराज ने बताया कि सावन माह के लिए मंदिरों में हर साल की तरह इस बार भी विशेष तैयारियां की गई हैं। तय समय में रोजाना सुबह और शाम विशेष पूजा कर विश्व कल्याण के साथ प्रदेश की सुख-समृद्धि की प्रार्थना की जाएगी। उन्होंने भक्तों से अपील की कि मंदिर में पूजा पाठ के दौरान कोरोना गाइडलाइन का पालन करने के साथ मास्क अवश्य लगाएं।
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सावन के महीने भर शहर भर के शिवालयों में आस्था का सैलाब उमड़ेगा। हर तरफ भोले की जयकारे होंगे। मंदिरों में विशेष आयोजन किए जाएंगे। वहीं, घरों में भी श्रद्धालु व्रत एवं पूजन पाठ कर शिव की आराधना करेंगे। इन सबको ध्यान में रखते हुए मंदिर समिति के साथ भक्तों ने भी तैयारियां शुरू कर दी है। ज्योतिषाचार्य डॉ. आचार्य सुशांत राज ने कहा कि सावन मास को हिंदू धर्म में बेहद पवित्र माना गया है। इस महीने में भगवान शंकर की पूजा का विधान है। सावन का महीना पूरी तरह से भगवान शिव को समर्पित है। इस बार सावन का महीना 14 जुलाई से शुरू हुआ है, जो 12 अगस्त तक चलेगा। सावन को श्रावण महीना भी कहा जाता है। इस महीने में पड़ने वाले सोमवार व्रतों का भी विशेष महत्व होता है।
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कहा कि इस बार सावन के हर सोमवार खास रहने वाले हैं। सावन के हर सोमवार को शुभ संयोग बन रहे हैं। सावन मास के सोमवार के दिन विशेष रूप से शिव और मां पार्वती की पूजा की जाती है और कई लोग व्रत भी रखते हैं। इस बार सावन में कुल चार सोमवार पड़ेंगे। पहला सोमवार 18 जुलाई को, दूसरा 25 जुलाई को, तीसरा एक अगस्त को और चौथा सोमवार आठ अगस्त को पड़ेगा। वहीं, पंडित विष्णु प्रसाद भट्ट ने बताया कि सावन मास के सोमवार का विशेष महत्व है। सावन का महीना 30 दिनों का होगा। 24 जुलाई को कामिका एकादशी, 26 जुलाई को मासिक शिवरात्रि एवं प्रदोषव्रत, 31 जुलाई को हरियाली तीज, दो अगस्त को नागपंचमी, आठ अगस्त को पुत्रदा एकादशी, नौ अगस्त को प्रदोष व्रत, 11 अगस्त को रक्षाबंधन व 12 अगस्त श्रावणी पूर्णिमा का पर्व मनाया जाएगा।
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मंदिरों में होंगे विशेष धार्मिक आयोजन
सावन माह को लेकर शहरभर के मंदिरों में धार्मिक आयोजन शुरू हो गए हैं। सावन के पहले सोमवार को लेकर मंदिरों में विशेष तैयारियां की गई हैं। प्राचीन टपकेश्वर महादेव मंदिर के महंत कृष्णागिरी महाराज ने बताया कि सावन माह के लिए मंदिरों में हर साल की तरह इस बार भी विशेष तैयारियां की गई हैं। तय समय में रोजाना सुबह और शाम विशेष पूजा कर विश्व कल्याण के साथ प्रदेश की सुख-समृद्धि की प्रार्थना की जाएगी। उन्होंने भक्तों से अपील की कि मंदिर में पूजा पाठ के दौरान कोरोना गाइडलाइन का पालन करने के साथ मास्क अवश्य लगाएं।