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आंदोलनकारियों के चिह्नीकरण पर नहीं बनी सहमति
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देहरादून। आंदोलनकारियों के चिह्नीकरण को लेकर सहमति नहीं बनने से नाराज कमेटी के सदस्य बैठक छोड़कर चले गए। इस दौरान सदस्यों और जिला प्रशासन के बीच तीखी बहस हुई।
अपर जिलाधिकारी एसके बरनवाल की अध्यक्षता में सोमवार को राज्य आंदोलनकारी चिन्हीकरण कमेटी की बैठक हुई। आंदोलनकारियों के चिह्नीकरण को लेकर यह तीसरी बैठक आयोजित की गई थी। इसमें नामों को लेकर सहमति नहीं बन पाने पर कमेटी सदस्यों और जिला प्रशासन के बीच देर तक बहस चलती रही। सहमति नहीं बनी तो कमेटी के सदस्य खड़े हो गए। उन्होंने आपत्ति जताते हुए कहा कि शासनादेश निकलने के बावजूद अभी तक केवल आठ ही लोगों को चिह्नीकरण हो पाया है। देर तक चली बहस के बाद कमेटी सदस्यों ने बैठक का बहिष्कार कर दिया। देहरादून जिले की चिन्हीकरण कमेटी जय प्रकाश उत्तराखंडी, ओमी उनियाल, जगमोहन सिंह नेगी, जितेन्द्र अंथवाल, सरोज डिमरी, देवी गोदियाल, उर्मिला शर्मा एवं चक्रधर कुकरेती, विवेकानंद खंडूड़ी शामिल रहे। उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी मंच के जिला अध्यक्ष प्रदीप कुकरेती ने जिलाधिकारी से पूर्व की भांति मापदंडों को ही मानक मानते हुए चिह्नीकरण की अपील की।
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अपर जिलाधिकारी एसके बरनवाल की अध्यक्षता में सोमवार को राज्य आंदोलनकारी चिन्हीकरण कमेटी की बैठक हुई। आंदोलनकारियों के चिह्नीकरण को लेकर यह तीसरी बैठक आयोजित की गई थी। इसमें नामों को लेकर सहमति नहीं बन पाने पर कमेटी सदस्यों और जिला प्रशासन के बीच देर तक बहस चलती रही। सहमति नहीं बनी तो कमेटी के सदस्य खड़े हो गए। उन्होंने आपत्ति जताते हुए कहा कि शासनादेश निकलने के बावजूद अभी तक केवल आठ ही लोगों को चिह्नीकरण हो पाया है। देर तक चली बहस के बाद कमेटी सदस्यों ने बैठक का बहिष्कार कर दिया। देहरादून जिले की चिन्हीकरण कमेटी जय प्रकाश उत्तराखंडी, ओमी उनियाल, जगमोहन सिंह नेगी, जितेन्द्र अंथवाल, सरोज डिमरी, देवी गोदियाल, उर्मिला शर्मा एवं चक्रधर कुकरेती, विवेकानंद खंडूड़ी शामिल रहे। उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी मंच के जिला अध्यक्ष प्रदीप कुकरेती ने जिलाधिकारी से पूर्व की भांति मापदंडों को ही मानक मानते हुए चिह्नीकरण की अपील की।
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