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Dehradun News: विकासनगर में इतने ई-रिक्शे हो गए, बसों को नहीं मिल रही सवारी

Wed, 11 Sep 2024 02:22 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Wed, 11 Sep 2024 02:22 AM IST
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There are so many e-rickshaws in Vikasnagar, buses are
Iमुख्य मार्गों से लेकर राष्ट्रीय राजमार्ग तक ई-रिक्शों की भरमारI
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विकासनगर में मुख्य मार्गों से लेकर राष्ट्रीय राजमार्ग तक ई-रिक्शों की भरमार है। इतने ई-रिक्शे हो गए हैं कि बसों को सवारी नहीं मिल रही है। पछवादून की लाइफलाइन मानी जाने वाली निजी बस सेवा को तो नुकसान हो रहा है, परिवहन निगम की बसें भी छोटी दूरियों के लिए सवारी नहीं पा रही हैं।
देहरादून से सटे पछवादून में निजी बस का संचालन जौनसार बावर, उत्तरकाशी व हिमाचल प्रदेश के नेरवा आदि के यात्रियों के लिए वर्षों से लाइफलाइन की तरह काम करता आया है। बस के संचालन की देखरेख करने वाली निजी बस ऑपरेटरों की डाकपत्थर-देहरादून बस यूनियन की 116 व शेड नंबर-5 देहरादून बस यूनियन की 34 बसें यहां चलती हैं। इनके अलावा, परिवहन निगम की लगभग 90 बसें विकासनगर से होकर चलती हैं।
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यूनियनों का कहना है कि पछवादून में डाकपत्थर से लेकर देहरादून तक कुछ-कुछ किलोमीटर की दूरी पर बस स्टॉप हैं। पहले देहरादून के लिए सीधी सवारी के साथ बसों को थोड़ी-थोड़ी दूरी के यात्री मिल जाते थे। इससे देहरादून-डाकपत्थर की दूरी तय करते हुए उनकी 6000 से 8000 रुपये प्रति चक्कर की कमाई हो जाती थी। अब ई-रिक्शों की आई भरमार ने उनकी कमाई पर ब्रेक लगा दिया है। बस मालिकों की मानें तो उनकी यह कमाई अब घटकर लगभग 3500 रुपये प्रति चक्कर तक रह गई है।
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Iपंजीकृत हैं 1835 ई-रिक्शाI
एआरटीओ विकासनगर में पंजीकृत ई-रिक्शों की संख्या 1835 है। सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी मनीष तिवारी ने बताया कि यह संख्या केवल विकासनगर कार्यालय की है। देहरादून आरटीओ में पंजीकृत ई-रिक्शे भी पछवादून में चल रहे हैं।
Iई-रिक्शों का पंजीकरण बंद करने का आदेश कमिश्नर जारी कर चुके हैं। जिलाधिकारी का भी स्पष्ट आदेश है कि ई-रिक्शा राष्ट्रीय राजमार्ग व मुख्य मार्गों पर न चलाने दिए जाएं। इसके बावजूद पंजीकरण जारी है और देहरादून-पांवटा व दिल्ली-यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्गों से सभी मुख्य मार्गों पर ई-रिक्शे चल रहे हैं। - रामकुमार सैनी, अध्यक्ष, डाकपत्थर-देहरादून बस यूनियन।I
Iई-रिक्शों के नियमानुसार संचालन के लिए लगातार प्रयास किया जा रहा है। सख्ती भी बरती जा रही है। मौजूदा वित्तीय वर्ष में नियमों का उल्लंघन करते पकड़े गए 103 ई-रिक्शों का चालान किया गया। 52 सीज किए गए। - रावत सिंह कटारिया, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन)I

Iई-रिक्शों का पंजीकरण बंद करने का कोई आदेश नहीं आया है। प्रशासन व प्रवर्तन के बनाए नियमों का पालन ई-रिक्शा चालकों से कराया जा रहा है। - मनीष तिवारी, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारीI
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