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Dehradun News: सोसायटी के अध्यक्ष और निदेशक लोगों के 20 लाख रुपये लेकर चंपत
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फर्जी सोसायटी बना आरडी-एफडी के नाम पर लोगों से लाखों रुपये जमा कराने के बाद अध्यक्ष और निदेशक चंपत हो गए। सर्वोत्तम एग्रो कोऑपरेटिव के नाम से बनी इस सोसायटी में लोगों ने 20 लाख रुपये से भी ज्यादा जमा किया था। मामले में न्यायालय के आदेश पर पटेलनगर पुलिस ने सोसायटी के अध्यक्ष और निदेशक समेत पांच के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
अपर न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम की न्यायालय में देवेंद्र असवाल निवासी ग्राम पेलियो ने शिकायत की थी। असवाल ने बताया कि 2015 में उनके पड़ोसी नीरज कश्यप ने अपने कुछ साथियों से मुलाकात कराई थी। कश्यप आदि ने उनसे कहा कि उन्होंने कृषि मंत्रालय के अधीन सर्वोत्तम एग्रो कोऑपरेटिव सोसायटी खोली है। इसमें आरडी और एफडी के रूप में पैसा जमा करने पर 12 फीसदी ब्याज मिलेगा। इस सोसाइटी में महेश कुमार को निदेशक व शाखा प्रबंधक, राजेंद्र सिंह बिष्ट को अध्यक्ष, शिखर पुंडीर को निदेशक व प्रदेश प्रभारी और मोहम्मद इरफान निवासी शिमला बाईपास को एजेंट बताया गया।
विश्वास कर असवाल ने सोसाइटी में 1.10 लाख रुपये जमा कर दिए। उनके कहने पर रिश्तेदारों और परिवार वालों ने भी करीब 19 लाख रुपये जमा कर दिए। आरडी और एफडी जब परिपक्व हो गई तो उन्होंने पैसे की मांग की। मगर, इन सभी ने पैसा देने में टालमटोल शुरू कर दी। कुछ दिनों बाद क्षेत्र में खुली शाखा को भी बंद कर दिया गया। इस मामले में वह कई बार पुलिस के अधिकारियों के पास गए, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
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बड्स एक्ट के तहत दर्ज किया गया केस
अब न्यायालय ने पटेलनगर थाने को धोखाधडी और बैनिंग ऑफ अनरेगुलेटेड डिपोजिट स्कीम एक्ट (बड्स एक्ट) के तहत मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए। इंस्पेक्टर पटेलनगर सूर्यभूषण ने बताया कि मामले में नीरज कश्यप, महेश कुमार, राजेंद्र सिंह बिष्ट, शिखर पुंडीर और मोहम्मद इरफान के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
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अपर न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम की न्यायालय में देवेंद्र असवाल निवासी ग्राम पेलियो ने शिकायत की थी। असवाल ने बताया कि 2015 में उनके पड़ोसी नीरज कश्यप ने अपने कुछ साथियों से मुलाकात कराई थी। कश्यप आदि ने उनसे कहा कि उन्होंने कृषि मंत्रालय के अधीन सर्वोत्तम एग्रो कोऑपरेटिव सोसायटी खोली है। इसमें आरडी और एफडी के रूप में पैसा जमा करने पर 12 फीसदी ब्याज मिलेगा। इस सोसाइटी में महेश कुमार को निदेशक व शाखा प्रबंधक, राजेंद्र सिंह बिष्ट को अध्यक्ष, शिखर पुंडीर को निदेशक व प्रदेश प्रभारी और मोहम्मद इरफान निवासी शिमला बाईपास को एजेंट बताया गया।
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विश्वास कर असवाल ने सोसाइटी में 1.10 लाख रुपये जमा कर दिए। उनके कहने पर रिश्तेदारों और परिवार वालों ने भी करीब 19 लाख रुपये जमा कर दिए। आरडी और एफडी जब परिपक्व हो गई तो उन्होंने पैसे की मांग की। मगर, इन सभी ने पैसा देने में टालमटोल शुरू कर दी। कुछ दिनों बाद क्षेत्र में खुली शाखा को भी बंद कर दिया गया। इस मामले में वह कई बार पुलिस के अधिकारियों के पास गए, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
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बड्स एक्ट के तहत दर्ज किया गया केस
अब न्यायालय ने पटेलनगर थाने को धोखाधडी और बैनिंग ऑफ अनरेगुलेटेड डिपोजिट स्कीम एक्ट (बड्स एक्ट) के तहत मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए। इंस्पेक्टर पटेलनगर सूर्यभूषण ने बताया कि मामले में नीरज कश्यप, महेश कुमार, राजेंद्र सिंह बिष्ट, शिखर पुंडीर और मोहम्मद इरफान के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।