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Dehradun News: सीज की गई चार वॉल्वो बसों को लेने नहीं पहुंचे मालिक
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सीज की गई चार डग्गामार वातानुकूलित वॉल्वो बसों को अदालत की ओर से छोड़ने के आदेश के बावजूद गाड़ी मालिक गाड़ियों को लेने नहीं आ रहे हैं। फिलहाल सभी गाड़ियों को आईएसबीटी परिसर में ही खड़ा कर दिया गया है।
परिवहन निगम के अधिकारियों की मानें तो कोर्ट ने जिन डग्गामार वातानुकूलित वॉल्वो बसों को छोड़ने को लेकर आदेश जारी किए गए हैं। उनके संचालकों की ओर से एक करोड़ रुपये की धनराशि जमा कराया जाना है। जिसके चलते गाड़ी मालिक गाड़ियों को लेने नहीं आ रहे हैं।
एक माह पूर्व परिवहन निगम, परिवहन विभाग और पुलिस प्रशासन के अधिकारियों की अगुवाई में संयुक्त रूप अभियान चलाया गया था। विशेष जांच अभियान के दौरान दस डग्गामार वातानुकूलित वॉल्वो को बसों को सीज कर दिया गया था। सभी बसें बिना वैध दस्तावेज और कागजातों के संचालित की जा रही थी।
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पिछले दिनों अदालत ने चार गाड़ियों को इस शर्त के साथ छोड़ने के आदेश जारी किए कि गाड़ी मालिकों द्वारा एक करोड़ रुपये की की धनराशि जमा कराई जाएगी। लेकिन अदालत की ओर से आदेश जारी होने के बावजूद गाड़ी मालिक फिलहाल गाड़ियों को लेने नहीं पहुंचे। परिवहन निगम के मंडलीय प्रबंधक संजय गुप्ता ने बताया कि फिलहाल कार्रवाई के दौरान सीज की गई सभी गाड़ियां आईएसबीटी परिसर में खड़ी हैं।
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परिवहन निगम के अधिकारियों की मानें तो कोर्ट ने जिन डग्गामार वातानुकूलित वॉल्वो बसों को छोड़ने को लेकर आदेश जारी किए गए हैं। उनके संचालकों की ओर से एक करोड़ रुपये की धनराशि जमा कराया जाना है। जिसके चलते गाड़ी मालिक गाड़ियों को लेने नहीं आ रहे हैं।
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एक माह पूर्व परिवहन निगम, परिवहन विभाग और पुलिस प्रशासन के अधिकारियों की अगुवाई में संयुक्त रूप अभियान चलाया गया था। विशेष जांच अभियान के दौरान दस डग्गामार वातानुकूलित वॉल्वो को बसों को सीज कर दिया गया था। सभी बसें बिना वैध दस्तावेज और कागजातों के संचालित की जा रही थी।
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पिछले दिनों अदालत ने चार गाड़ियों को इस शर्त के साथ छोड़ने के आदेश जारी किए कि गाड़ी मालिकों द्वारा एक करोड़ रुपये की की धनराशि जमा कराई जाएगी। लेकिन अदालत की ओर से आदेश जारी होने के बावजूद गाड़ी मालिक फिलहाल गाड़ियों को लेने नहीं पहुंचे। परिवहन निगम के मंडलीय प्रबंधक संजय गुप्ता ने बताया कि फिलहाल कार्रवाई के दौरान सीज की गई सभी गाड़ियां आईएसबीटी परिसर में खड़ी हैं।