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एसबीआई योनो एप का गुगल से नंबर खोजना पड़ा भारी
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भारतीय स्टेट बैंक के योनो एप का कस्टमर केयर नंबर गूगल से ढूंढना दो लोगों को भारी पड़ गया। दोनों लोग साइबर ठगों के चंगुल में फंस गए और खाते से रकम निकल गई। दोनों मामलों में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पहला मामला नेहरू कॉलोनी थाना क्षेत्र का है। यहां डॉ. दिनेश प्रताप सिंह निवासी दून यूनिवर्सिटी रोड ठगी का शिकार हुए। उन्होंने गत 31 अगस्त को योनो एप से जुड़ी मदद लेने के लिए इंटरनेट पर नंबर खोजा था। उन्होंने इंटरनेट से मिले नंबर पर फोन किया तो उसने खुद को कस्टमर केयर अधिकारी बताया। उसने डॉ. दिनेश को योनो एप पर लॉग इन कराया। इसके बाद यूजर आईडी, पासवर्ड और कैपचा डालने को कहा। ऐसा करने पर डॉ. दिनेश से दूसरा मोबाइल नंबर डालने को कहा गया। कस्टमर केयर कर्मी बनकर बोल रहे व्यक्ति ने कहा कि वह अपना नंबर दे रहा है। उस पर आया ओटीपी उन्हें दे देगा। पीड़ित ने उसका दिया नंबर और ओटीपी डाल दिया। इसके बाद उनके बैंक खाते से 10 ट्रांजेक्शन में कुल ढाई लाख रुपये निकल गए। इसके बाद डॉ. दिनेश ने खाता ब्लॉक करा दिया।
दूसरी घटना अनारवाला गढ़ी कैंट निवासी राकेश सिंह के साथ हुई है। राकेेश सिंह ने भी इसी तरह नंबर इंटरनेट से लेकर फोन किया। ठग ने उन्हें लॉग इन कराया और फिर ओटीपी आदि की जानकारी ले ली। इसके बाद एक विटनेस (गवाह) की जरूरत बताई। इस पर राकेश सिंह ने अपने दोस्त अंकुश सिंह से बात कराई। उससे भी आरोपी ने इसी तरह उनकी योनो एप की जानकारी ली। इसके बाद दोनों के बैंक खातों से 64 हजार रुपय कट गए। कैंट पुलिस ने भी साइबर थाने की जांच के बाद मुकदमा दर्ज कर लिया है।
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पहला मामला नेहरू कॉलोनी थाना क्षेत्र का है। यहां डॉ. दिनेश प्रताप सिंह निवासी दून यूनिवर्सिटी रोड ठगी का शिकार हुए। उन्होंने गत 31 अगस्त को योनो एप से जुड़ी मदद लेने के लिए इंटरनेट पर नंबर खोजा था। उन्होंने इंटरनेट से मिले नंबर पर फोन किया तो उसने खुद को कस्टमर केयर अधिकारी बताया। उसने डॉ. दिनेश को योनो एप पर लॉग इन कराया। इसके बाद यूजर आईडी, पासवर्ड और कैपचा डालने को कहा। ऐसा करने पर डॉ. दिनेश से दूसरा मोबाइल नंबर डालने को कहा गया। कस्टमर केयर कर्मी बनकर बोल रहे व्यक्ति ने कहा कि वह अपना नंबर दे रहा है। उस पर आया ओटीपी उन्हें दे देगा। पीड़ित ने उसका दिया नंबर और ओटीपी डाल दिया। इसके बाद उनके बैंक खाते से 10 ट्रांजेक्शन में कुल ढाई लाख रुपये निकल गए। इसके बाद डॉ. दिनेश ने खाता ब्लॉक करा दिया।
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दूसरी घटना अनारवाला गढ़ी कैंट निवासी राकेश सिंह के साथ हुई है। राकेेश सिंह ने भी इसी तरह नंबर इंटरनेट से लेकर फोन किया। ठग ने उन्हें लॉग इन कराया और फिर ओटीपी आदि की जानकारी ले ली। इसके बाद एक विटनेस (गवाह) की जरूरत बताई। इस पर राकेश सिंह ने अपने दोस्त अंकुश सिंह से बात कराई। उससे भी आरोपी ने इसी तरह उनकी योनो एप की जानकारी ली। इसके बाद दोनों के बैंक खातों से 64 हजार रुपय कट गए। कैंट पुलिस ने भी साइबर थाने की जांच के बाद मुकदमा दर्ज कर लिया है।
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