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परीक्षा में धांधली: जांच में सवाल उठे तो विजिलेंस को याद आई टीम, आयोग के पूर्व अध्यक्ष ने उठाए थे प्रश्न

Sun, 07 Aug 2022 12:08 PM IST
शाहरुख खान रुद्रेश कुमार, अमर उजाला नेटवर्क, देहरादून
रुद्रेश कुमार, अमर उजाला नेटवर्क, देहरादून Published by: शाहरुख खान Updated Sun, 07 Aug 2022 12:08 PM IST
सार

उत्तराखंड अधीनस्थ चयन सेवा आयोग के अध्यक्ष एस राजू ने इस्तीफा देने के बाद विजिलेंस की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए थे। परीक्षा में धांधली की बात जब सामने आई तो पहले शासन ने कमेटी बनाकर जांच की थी।

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The former chairman of the commission raised questions on the working style of Vigilance
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

वर्ष 2016 में ग्राम विकास अधिकारी परीक्षा में धांधली की जांच में सवाल उठने पर विजिलेंस को टीम बनाने की याद आई है। शनिवार को मामले की विजिलेंस मुख्यालय में समीक्षा की गई। ढाई साल से मामले की जांच सिर्फ एक ही अधिकारी कर रहा, जबकि इस काम में कम से कम 10 लोगों की टीम की जरूरत है। ऐसे में अब विजिलेंस मुख्यालय ने डायरेक्टर से मैनपॉवर बढ़ाने की मांग की जाएगी। 

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दरअसल, इस परीक्षा में धांधली की बात जब सामने आई तो पहले शासन ने कमेटी बनाकर जांच की थी। विजिलेंस के मुताबिक, तीन साल जांच करने के बाद यह मामला फिर विजिलेंस को सौंपा गया। इस पर आठ जनवरी 2020 को विजिलेंस ने मुकदमा दर्ज किया और जांच एक इंस्पेक्टर को सौंप दी गई। इंस्पेक्टर ने जांच शुरू की और कुछ साक्ष्य जुटाने का प्रयास किया। इसी बीच इंस्पेक्टर का तबादला हो गया। इसके बाद फिर से दूसरे इंस्पेक्टर को जांच सौंपी गई। ढाई साल से इंस्पेक्टर इस मुकदमे की विवेचना कर रहे हैं। परीक्षा में करीब 90 हजार अभ्यर्थी शामिल हुए थे। इनमें से 198 पास हुए थे। 
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पूरे प्रदेश में इनके दस्तावेजों, आयोग की प्रक्रियाओं, ओएमआर शीट की जांच आदि का काम इसी इंस्पेक्टर को करना है, लेकिन जांच धीमी गति से आगे बढ़ रही है। कभी कोई साक्ष्य छूटता, तो कभी कोई गवाह ही मौजूद नहीं होता। एसपी विजिलेंस धीरेंद्र कुमार गुंज्याल ने बताया कि इस काम में कम से कम 10 लोगों की जरूरत होगी। इसके बाद ही जांच में तेजी आ सकती है। अलग-अलग जगहों पर भेजने के लिए कई लोगों का होना जरूरी है। ऐसे में अब मामले की जांच के लिए टीम बनाने पर विचार किया जा रहा है। इसके लिए डायरेक्टर विजिलेंस से बात की जाएगी। यहां पर मैनपॉवर बढ़ेगी तो साक्ष्यों का संकलन भी तेजी से हो सकता है। 

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आयोग के पूर्व अध्यक्ष एस राजू ने उठाए सवाल 
उत्तराखंड अधीनस्थ चयन सेवा आयोग के अध्यक्ष एस राजू ने शुक्रवार को इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने विजिलेंस की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए थे। कहा था कि वह सालों से कई बार विजिलेंस को जांच तेजी से करने के लिए पत्र लिख चुके हैं, लेकिन मामले में अब तक केवल मुकदमा दर्ज करने के अलावा कोई कार्रवाई नहीं की गई है। इसके बाद विजिलेंस मुख्यालय ने इस पूरे प्रकरण की समीक्षा की। समीक्षा के दौरान बहुत सी बातें सामने आई, जिनसे जांच को तेजी से आगे बढ़ाया जा सकता है। इन्हीं में से एक है मैनपॉवर की कमी। इसे दूर करने के लिए अब मांग की जा रही है।

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