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Dehradun News: स्वच्छ भारत अभियान का कालसी व आसपास के क्षेत्र में नहीं दिखता असर
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ब्रिटिश कालीन तहसील मुख्यालय व इसके आसपास की ग्राम पंचायतों में स्वच्छ भारत अभियान का कोई असर दिखाई नहीं देता है। मुख्यालय व सरकारी कार्यालयों के आसपास से लेकर जगह-जगह लगे कूड़े के ढेर से क्षेत्रवासी बेहद परेशान हैं। कही-कही तो दुर्गंध से सांस लेना मुश्किल है। संक्रामक बीमारी फैलने का खतरा है।
केंद्र सरकार के महत्वाकांक्षी स्वच्छ भारत अभियान के तहत समूचे भारतवर्ष में साफ-सफाई का विशेष अभियान चलाया जा रहा है। वहीं, दूसरी ओर जिला मुख्यालय देहरादून से मात्र 50 किलोमीटर की दूरी पर स्थित ब्रिटिश कालीन तहसील मुख्यालय कालसी व आसपास की ग्राम पंचायतों में निस्तारण की कोई व्यवस्था न होने के कारण जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। इस ओर न तो स्थानीय जनप्रतिनिधि और न ही प्रशासन से जुड़े अधिकारी ध्यान दे रहे हैं।
विकासखंड कालसी की ग्राम पंचायत कालसी में ब्रिटिश कालीन तहसील मुख्यालय स्थित है। इसके अतिरिक्त राजकीय इंटर कॉलेज कालसी, औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान कालसी, दूरभाष केंद्र, पोस्ट ऑफिस, खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय तथा दो राजकीय प्राथमिक विद्यालय भी यहां स्थित हैं। जहां पर बड़ी संख्या में सरकारी अधिकारियों, कर्मचारियों सहित क्षेत्र की जनता का आना-जाना लगा रहता है। इसके अतिरिक्त सत्ता पक्ष तथा विपक्ष के जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों की भी इस क्षेत्र में अक्सर आवाजाही रहती है। तहसील मुख्यालय कालसी बाजार और इसकी नजदीकी ग्राम पंचायत व्यास भूड़, ग्राम पंचायत व्यास नहरी, ग्राम पंचायत हरिपुर आदि क्षेत्रों में कूड़े के निस्तारण का कोई प्रबंध न होने के चलते जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे रहते हैं। कूड़े के ढेर से उठने वाली दुर्गंध क्षेत्रवासियों को परेशान करती है। इस प्रकार की स्थिति से क्षेत्र में हर समय संक्रामक रोग फैलने का खतरा बना रहता है।
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स्थानीय निवासी विक्की रोहिल्ला, देवांश, दिनेश कुमार का कहना है कि सरकार शहरी क्षेत्रों में स्वच्छ भारत अभियान के तहत कूड़ा निस्तारण का प्रबंध कर रही है। परंतु ग्रामीण क्षेत्रों में लगे कूड़े के ढेर की ओर शासन प्रशासन के अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों का कोई ध्यान नहीं है। उनका कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी कूड़े के निस्तारण के प्रबंध किए जाने चाहिए।
इस संबंध में उप जिलाधिकारी कालसी को क्षेत्र के कूड़ा निस्तारण हेतु कोई स्थान चिन्हित कर कूड़ा प्रबंधन करने के निर्देश दिए जाएंगे। - झरना कमठान, मुख्य विकास अधिकारी
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केंद्र सरकार के महत्वाकांक्षी स्वच्छ भारत अभियान के तहत समूचे भारतवर्ष में साफ-सफाई का विशेष अभियान चलाया जा रहा है। वहीं, दूसरी ओर जिला मुख्यालय देहरादून से मात्र 50 किलोमीटर की दूरी पर स्थित ब्रिटिश कालीन तहसील मुख्यालय कालसी व आसपास की ग्राम पंचायतों में निस्तारण की कोई व्यवस्था न होने के कारण जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। इस ओर न तो स्थानीय जनप्रतिनिधि और न ही प्रशासन से जुड़े अधिकारी ध्यान दे रहे हैं।
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विकासखंड कालसी की ग्राम पंचायत कालसी में ब्रिटिश कालीन तहसील मुख्यालय स्थित है। इसके अतिरिक्त राजकीय इंटर कॉलेज कालसी, औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान कालसी, दूरभाष केंद्र, पोस्ट ऑफिस, खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय तथा दो राजकीय प्राथमिक विद्यालय भी यहां स्थित हैं। जहां पर बड़ी संख्या में सरकारी अधिकारियों, कर्मचारियों सहित क्षेत्र की जनता का आना-जाना लगा रहता है। इसके अतिरिक्त सत्ता पक्ष तथा विपक्ष के जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों की भी इस क्षेत्र में अक्सर आवाजाही रहती है। तहसील मुख्यालय कालसी बाजार और इसकी नजदीकी ग्राम पंचायत व्यास भूड़, ग्राम पंचायत व्यास नहरी, ग्राम पंचायत हरिपुर आदि क्षेत्रों में कूड़े के निस्तारण का कोई प्रबंध न होने के चलते जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे रहते हैं। कूड़े के ढेर से उठने वाली दुर्गंध क्षेत्रवासियों को परेशान करती है। इस प्रकार की स्थिति से क्षेत्र में हर समय संक्रामक रोग फैलने का खतरा बना रहता है।
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स्थानीय निवासी विक्की रोहिल्ला, देवांश, दिनेश कुमार का कहना है कि सरकार शहरी क्षेत्रों में स्वच्छ भारत अभियान के तहत कूड़ा निस्तारण का प्रबंध कर रही है। परंतु ग्रामीण क्षेत्रों में लगे कूड़े के ढेर की ओर शासन प्रशासन के अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों का कोई ध्यान नहीं है। उनका कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी कूड़े के निस्तारण के प्रबंध किए जाने चाहिए।
इस संबंध में उप जिलाधिकारी कालसी को क्षेत्र के कूड़ा निस्तारण हेतु कोई स्थान चिन्हित कर कूड़ा प्रबंधन करने के निर्देश दिए जाएंगे। - झरना कमठान, मुख्य विकास अधिकारी