उत्तराखंड: दीपावली से पहले ही खराब हुई राजधानी देहरादून की आबोहवा, आंकड़ा 167 पर पहुंचा
राजधानी के घंटाघर क्षेत्र में एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) का आंकड़ा गुरुवार को 159 दर्ज किया गया। शुक्रवार को आंकड़ा बढ़कर 167 पहुंच गया। हरिद्वार में भी एक्यूआई का स्तर बढ़ना शुरू हो गया है।
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दमा व सांस की बीमारियों से जूझ रहे मरीजों के साथ ही सेहतमंद लोगों के लिए भी यह खबर सावधान करने वाली है। दीपावली पर आतिशबाजी के पहले ही राजधानी दून के अलावा हरिद्वार, ऋषिकेश जैसे शहरों में प्रदूषण का स्तर बढ़ गया है।
हरिद्वार में भी एक्यूआई का स्तर बढ़ना शुरू
राजधानी के घंटाघर क्षेत्र में एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) का आंकड़ा गुरुवार को 159 दर्ज किया गया। शुक्रवार को आंकड़ा बढ़कर 167 पहुंच गया। हरिद्वार में भी एक्यूआई का स्तर बढ़ना शुरू हो गया है। गुरुवार को हरिद्वार में एयर क्वालिटी इंडेक्स 173 था।
शुक्रवार को एयर क्वालिटी इंडेक्स का आंकड़ा 190 पहुंच गया। काशीपुर में फिलहाल यह 109 दर्ज किया गया है। राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों के अनुसार आने वालों दिनों में आतिशबाजी के बाद आंकड़ा 300 के पार कर सकता है जो सेहत के लिए बेहद खतरनाक है।
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चार श्रेणियों में की जा रही मॉनिटरिंग
एयर क्वालिटी इंडेक्स की चार चरणों में मॉनिटरिंग की जाती है। शून्य से लेकर 50 तक की एयर क्वालिटी इंडेक्स को सेहत के लिए ठीक माना जाता है।
51 से लेकर 100 तक एयर क्वालिटी इंडेक्स को संतोषजनक, 101 से लेकर 200 तक को मॉडरेट, 200 से लेकर 300 को खराब श्रेणी, 301 से लेकर 400 तक को बहुत खराब और एयर क्वालिटी इंडेक्स 401 से ऊपर होने पर प्रदूषण के लिहाज से सबसे खतरनाक माना जाता है।
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राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव एसपी सुबुद्धि के मुताबिक इस बार राजधानी दून के अलावा हरिद्वार, ऋषिकेश, रुड़की, काशीपुर और उधमसिंहनगर में प्रदूषण स्तर की मॉनिटरिंग शुरू कर दी गई है।
निजी कंपनी के विशेषज्ञों द्वारा एयर क्वालिटी इंडेक्स की मॉनिटरिंग को लेकर राजधानी में दो स्थानों पर और बाकी शहरों में एक-एक स्थानों पर मॉनिटर स्टेशन स्थापित किए गए हैं। ध्वनि प्रदूषण की एक सप्ताह और वायु प्रदूषण की 15 दिन तक मानिटरिंग की जाएगी।