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उत्तराखंड: कोटद्वार में जंगल की आग से जला प्राथमिक विद्यालय चंडाखाल का भवन, छात्र संख्या शून्य होने के कारण तीन वर्ष से बंद था स्कूल

Mon, 25 Apr 2022 11:19 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, देहरादून
अमर उजाला नेटवर्क, देहरादून Published by: शाहरुख खान Updated Mon, 25 Apr 2022 11:19 AM IST
सार

कोटद्वार के लैंसडौन में कोली गांव ग्रामसभा के वन क्षेत्र में शनिवार शाम अचानक आग लग गई, जिस पर ग्रामीणों ने आग को बुझा लिया था, लेकिन रात को एक बार फिर आग धधक गई और आग की चपेट में राजकीय प्राथमिक विद्यालय चंडाखाल का भवन भी आ गया। 

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The building of the primary school Chandakhal burnt due to forest fire in Kotdwar
स्कूल में लगी आग - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कोटद्वार के लैंसडौन वन प्रभाग के दुगड्डा रेंज से सटे कोली गांव के सिविल वन क्षेत्र शनिवार शाम से जल रहे हैं। रविवार दोपहर को जंगल की आग राजकीय प्राथमिक विद्यालय चंडाखाल तक पहुंच गई जिसमें स्कूल का भवन जल गया। वहीं सेंधीखाल पटवारी चौकी के आसपास भी आग लग गई। ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। 
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ग्रामसभा कोलीगांव के प्रधान अजय कुमार भट्ट ने बताया कि उनकी ग्रामसभा के सिविल वन क्षेत्र में शनिवार शाम अचानक आग लग गई, जिस पर ग्रामीणों ने आग को बुझा लिया था, लेकिन रात को एक बार फिर आग धधक गई और आग की चपेट में राजकीय प्राथमिक विद्यालय चंडाखाल का भवन भी आ गया। 
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आग से विद्यालय भवन जल गया। ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। गनीमत रही कि छात्र संख्या शून्य होने के कारण तीन वर्षों से विद्यालय का संचालन नहीं हो रहा था। वहीं सिविल सोयम मटियाली के रेंजर प्रशांत हिंदवान ने सिविल वन क्षेत्र में आग लगने की सूचना से इंकार किया। 
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वहीं लैंसडौन की रेंजर पूनम कैंथोला ने बताया कि मोहरा गांव के नापखेत के जंगल में आग लगने की सूचना मिली है, जिस पर वन कर्मियों को मौके पर भेजा गया है। अभी तक आरक्षित वन क्षेत्र में आग लगने की सूचना नहीं है। वहीं सेंधीखाल पटवारी चौकी के आसपास भी आग भड़क गई। ग्रामीणों ने पानी डालकर कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। यदि समय रहते आग पर काबू नहीं पाया जाता तो पटवारी चौकी वनाग्नि की भेंट चढ़ सकती थी। 

रविवार को अवकाश होने के कारण चौकी में ताला लगा था। विधायक प्रतिनिधि दुगड्डा सुदीप बौंठियाल ने वन विभाग से आग की घटनाओं पर अंकुश लगाने की मांग की है।

रुद्रप्रयाग नगर से जंगल में भड़की आग
जिला मुख्यालय रुद्रप्रयाग के डांगसेरा से लगा ग्राम पंचायत बर्सू का चीड़ का जंगल दिनभर धधकता रहा, जिससे लाखों की वन संपदा जल गई। साथ ही जंगल से गिर रहे अधजली लकड़ी व पत्थरों से रुद्रप्रयाग-तूना-बौंठा मोटर मार्ग पर संचालित वाहनों व राहगीरों के लिए खतरा पैदा हो गया है।

शनिवार देर रात सेरुद्रप्रयाग रेंज के ग्राम पंचायत बर्सू का जंगल धधक रहा है। रविवार सुबह पूरे क्षेत्र में धुएं का गुबार फैला रहा। उप ग्राम प्रधान अनूप सेमवाल, सुनील नौटियाल, अजय कप्रवाण, जगदीश चंद्र भट्ट, जसपाल भारती का कहना है कि जंगल में लगी आग के कारण रतजगा करना पड़ रहा है। साथ ही रविवार को दिनभर भड़की आग के घरों और जीजीआईसी तक पहुंचने का खतरा बना रहा। 

जखोली ब्लॉक के जवाड़ी गांव के निकट वाले जंगल में दिनभर आग लगी रही। इधर, रुद्रप्रयाग प्रभाग के डीएफओ वैभव कुमार सिंह ने बताया कि विभागीय सचल दस्तों द्वारा निरंतर आग बुझाने का प्रयास किया जा रहा है। जहां आग ज्यादा हो रही है, वहां स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन व अग्निशमन दल की मदद ली जा रही है।
 
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