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Dehradun News: बांध प्रभावितों ने मांगा एक समान मुआवजा और नौकरी
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लखवाड़ परियोजना प्रभावित समितियों के प्रतिनिधियों ने अधिकारियों के साथ की बैठक
लखवाड़ बिजली परियोजना के प्रभावितों ने जनपद टिहरी व देहरादून के प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक में अपनी मांगों को लेकर चर्चा की। इस दौरान प्रभावितों ने यह चेतावनी भी दी यदि उनकी मांगों को जल्द ही पूरा नहीं किया गया तो वह बांध के चल रहे निर्माण कार्य को रुकवा देंगे।
डाकपत्थर स्थित लखवाड़ भवन में लखवाड़ परियोजना प्रभावित समितियों के प्रतिनिधियों के साथ हुई बैठक में अपर टिहरी के अपर जिलाधिकारी केके मिश्रा व देहरादून के अपर जिलाधिकारी डाॅ. एसके बर्नवाल शामिल हुए। समिति के प्रतिनिधियों ने 2016 में बनाई गई नीति के आधार पर प्रभवितों को 75 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर के हिसाब से एक मुश्त अनुदान देने की व्यवस्था को 2023 के हिसाब से बढ़ाकर देने, प्रभावित होने वाले परिवारों की गणना 2013 के बजाए 2023 के आधार पर किए जाने, किसानों को एक समान मुआवजा देने, कोणा और रडोगी गांव के विस्थापन की प्रक्रिया में तेजी लाए जाने, बांध से प्रभावित होने वाले परिवारों के एक-एक सदस्य को नौकरी दिए जाने की मांग अधिकारियों के सामने रखीं। प्रतिनिधियों ने अपनी सभी मांगो के एक महीने में निस्तारण करने की अपील भी अधिकारियों से की। बैठक में जलविद्युत निगम के प्रबंध निदेशक संदीप सिंघल, निदेशक एससी बडोनी, अधिशासी निदेशक राजीव अग्रवाल, समिति की ओर से बचन सिंह पुंडीर, अनिल पंवार शामिल रहे।
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लखवाड़ बिजली परियोजना के प्रभावितों ने जनपद टिहरी व देहरादून के प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक में अपनी मांगों को लेकर चर्चा की। इस दौरान प्रभावितों ने यह चेतावनी भी दी यदि उनकी मांगों को जल्द ही पूरा नहीं किया गया तो वह बांध के चल रहे निर्माण कार्य को रुकवा देंगे।
डाकपत्थर स्थित लखवाड़ भवन में लखवाड़ परियोजना प्रभावित समितियों के प्रतिनिधियों के साथ हुई बैठक में अपर टिहरी के अपर जिलाधिकारी केके मिश्रा व देहरादून के अपर जिलाधिकारी डाॅ. एसके बर्नवाल शामिल हुए। समिति के प्रतिनिधियों ने 2016 में बनाई गई नीति के आधार पर प्रभवितों को 75 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर के हिसाब से एक मुश्त अनुदान देने की व्यवस्था को 2023 के हिसाब से बढ़ाकर देने, प्रभावित होने वाले परिवारों की गणना 2013 के बजाए 2023 के आधार पर किए जाने, किसानों को एक समान मुआवजा देने, कोणा और रडोगी गांव के विस्थापन की प्रक्रिया में तेजी लाए जाने, बांध से प्रभावित होने वाले परिवारों के एक-एक सदस्य को नौकरी दिए जाने की मांग अधिकारियों के सामने रखीं। प्रतिनिधियों ने अपनी सभी मांगो के एक महीने में निस्तारण करने की अपील भी अधिकारियों से की। बैठक में जलविद्युत निगम के प्रबंध निदेशक संदीप सिंघल, निदेशक एससी बडोनी, अधिशासी निदेशक राजीव अग्रवाल, समिति की ओर से बचन सिंह पुंडीर, अनिल पंवार शामिल रहे।
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