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Dehradun News: पीठ पर हाथ फेरते कैसे देखा, इस सवाल पर छेड़खानी का आरोपी बरी

Wed, 27 Aug 2025 12:23 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Wed, 27 Aug 2025 12:23 AM IST
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The accused of molestation was acquitted on the question of how he was seen caressing the back
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Iजिला अदालत ने दिया संदेह का लाभ, रायपुर पुलिस ने साल 2018 में दर्ज किया था मुकदमा
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Iएक महिला की शिकायत थी कि छेड़खानी का आरोपी उनका पीछा करता रहा और एक रात दुर्गा महोत्सव के बीच उनकी पीठ पर हाथ फेरकर छेड़खानी की। इस पर आरोपी के वकील ने उनसे सवाल किया कि उन्होंने पीठ पीछे आरोपी को हाथ फेरते कैसे देख लिया।
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Iइस सवाल पर अभियोजन पक्ष फंस गया। महिला संतोषजनक जवाब नहीं दे पाई। अदालत ने इस विरोधाभास को अहम मानते हुए मंगलवार को आरोपी को संदेह का लाभ देकर बरी कर दिया। अपर सिविल जज ममता पंत की अदालत ने आरोपी अनुज कुमार को छेड़खानी, पीछा करने, अस्मिता से खिलवाड़ करने और धमकी देने के आरोपों से बरी कर दिया। अनुज पर 16 अक्तूबर 2018 को दुर्गा महोत्सव के दौरान महिला के साथ छेड़खानी करने का आरोप था। महिला ने रायपुर थाने में मुकदमा दर्ज करवाया था। शिकायत में कहा था कि वह महोत्सव में अपने पति और भाई के साथ गई थी, तब अनुज उनका पीछा करते पहुंच गया और पीठ पर हाथ मारकर उनके सम्मान से खिलवाड़ किया।
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Iपति के विरोध करने पर गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष के गवाहों के बयान में कमजोरियां सामने आईं। शिकायतकर्ता ने अदालत में माना कि घटना के दिन आसपास काफी भीड़ थी। वहां अनुज पीछे से आया और उनकी पीठ पर हाथ फेरकर भाग गया। जब महिला से पूछा गया कि उन्होंने आरोपी को अपनी पीठ पर हाथ फेरते कैसे देखा तो उन्होंने कहा कि आरोपी को बगल से भागते हुए देखा था।
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Iअदालत ने कहा कि घटनास्थल एक भीड़ वाला इलाका था। पीड़िता ने खुद स्वीकार किया कि उन्होंने आरोपी को पीठ पर हाथ फेरते हुए सीधे तौर पर नहीं देखा था। अदालत ने यह भी गौर किया कि पीड़िता और उनके पति ने बयान में कहा है कि घटना के बाद भीड़ इकट्ठा हो गई थी और लोगों ने बीच-बचाव भी किया। पर पुलिस ने किसी भी स्वतंत्र गवाह के बयान नहीं लिए। न ही ऐसे किसी गवाह को अदालत में पेश किया। पीड़िता और उनके पति ने फोन पर धमकी मिलने का आरोप भी लगाया लेकिन जांच अधिकारी ने इस संबंध में कोई फोन नंबर या कॉल डिटेल रिकॉर्ड अदालत में पेश नहीं किया।I
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