उत्तराखंडः टीईटी पास नहीं करने वाले शिक्षा मित्रों पर लटकी तलवार
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शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) पास न कर पाने वाले जिले में 191 शिक्षा मित्रों पर तलवार लटक गई है। इनके भविष्य को लेकर असमंजस बना है। इधर, शिक्षा विभाग ने टीईटी पास नहीं करने वाले शिक्षा मित्रों की सूची शिक्षा निदेशालय को भेज दी है।
जिले में तीन श्रेणी के 256 शिक्षा मित्र हैं। इनमें डिप्लोमा इन एलिमेंटरी एजुकशन (डीएलएड) या बीटीसी कर चुके चंपावत जिले के 174 शिक्षा मित्रों को अदालत के आदेश के बाद 2015 में सशर्त औपबंधिक नियुक्ति दी गई थी। औपबंधिक नियुक्ति के बाद 174 शिक्षकों में से 65 ही शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) पास कर सके।
औपबंधिक नियुक्ति पाने वाले 109 शिक्षा मित्रों के अलावा 2015 के बाद डीएलएड कर चुके 82 शिक्षा मित्र टीईटी पास नहीं कर सके हैं, जबकि नियुक्ति के वक्त शिक्षा मित्र से सहायक अध्यापक बने इन शिक्षकों से 31 मार्च 2019 तक टीईटी पास करने की शर्त रखी गई थी। इन 191 शिक्षा मित्रों के भविष्य को लेकर अनिश्चितता है। शिक्षा विभाग ने टीईटी पास नहीं करने वाले इन शिक्षकों की सूची शिक्षा निदेशालय को भेज दी है।
शिक्षा मंत्री से मिला शिक्षा मित्र संगठन
अनिश्चितता के चलते शिक्षा मित्र संगठन ने रविवार को गदरपुर में प्रदेश के शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय से मुलाकात कर अपनी व्यथा रखी। मुलाकात के बाद संगठन ने दावा किया कि मंत्री अरविंद पांडेय ने चुनावी आचार संहिता खत्म होने के बाद शिक्षा मित्रों के हितों की मजबूती से पैरवी करने का आश्वासन दिया। मंत्री से मिलने वालों में शिक्षा मित्र संगठन के रमेश चंद्र जोशी, केसी भट्ट, बलवंत अधिकारी, कैलाश कांडपाल, मान सिंह बोहरा, शंकर दत्त भट्ट शामिल थे। शिक्षा मित्रों ने कहा कि पहली अप्रैल को वह स्कूल जाएंगे। साथ ही उनकी चुनाव ड्यूटी भी लगी है।
जिले में 2015 में 174 शिक्षा मित्रों को सहायक शिक्षक के रूप में सशर्त औपबंधिक नियुक्ति दी गई थी। शर्त यह थी कि केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय के आदेश के अनुरूप 31 मार्च 2019 तक उन्हें टीईटी पास करना होगा लेकिन औपबंधिक नियुक्ति वाले 109 और 83 शिक्षा मित्रों ने टीईटी पास नहीं की है। इनकी सूची शिक्षा निदेशालय को भेज दी गई है। निदेशालय के दिशा-निर्देश के बाद आगे की कार्यवाही की जाएगी।
- आरसी पुरोहित, मुख्य शिक्षाधिकारी चंपावत