रात दो बजे सायरन बजा तो लगा आपदा आ गई
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गुरुवार की देर रात खतरे का सायरन बजने से श्रीनगर के लोगों के हाथ-पांव फूल गए। एक पल के लिए लोगों को लगा कि फिर से आपदा आ गई है।
रात के करीब डेढ़ बजे बिना किसी पूर्व सूचना के बजाए गए इस सायरन से श्रीनगर के लोग सहम गए। स्थानीय निवासी सायरन की आवाज सुनकर घरों के बाहर आ गए।
एक बार के लिए सभी ने सोचा की यह सायरन आपदा के खतरे से अलर्ट करने के लिए बजाया गया है।
अलकनंदा का स्तर बढ़ा, लोगों में हडकंप
श्रीनगर जल विद्युत कंपनी की झील में लगातार पानी ओवर फ्लो हो रहा है। जिस कारण बार-बार अलकनंदा में पानी छोड़ जा रहा है। देर रात भी अलकनंदा में पानी छोड़ा गया। जिससे पहले यह सायरन बजाया गया।
झील से लगातार पानी छोड़े जाने से अलकनंदा का जल स्तर काफी बढ़ गया है। अचानक बढ़े पानी से किनारे रह रहे लोगों की सांसें अटकी हुई हैं।
इसके साथ ही बिना किसी पूर्व सूचना के केवल सायरन बजाकर पानी छोड़ने पर लोगों ने नाराजगी जताई है।
गुरुवार को कई बार छोड़ा गया अलकनंदा में पानी
आपको बता दें कि श्रीनगर जल विद्युत परियोजना बीते एक माह से चौरास परिसर स्थित पावर हाउस में टरबाइनों के परीक्षण के लिए सुबह छह बजे सायरन बजाती है।
लेकिन गुरुवार की सुबह 6.40 पर जब दोबारा हूटर बजा, तो नदी किनारे के लोग सकते में आ गए। थोड़ी ही देर में अलकनंदा का जल स्तर भी बढ़ गया।
इसके बाद आठ बजे फिर सायरन बजने लगा। इस तरह गुरुवार को बार-बार जीवीके अलकनंदा में पानी छोड़ता रहा।
उपजिलाधिकारी रजा अब्बास ने बताया कि कंपनी प्रबंधन ने पानी छोड़ने की जानकारी दी थी। केदार मुहल्ला क्षेत्र निवासी रजनी देवी कहती हैं कि यदि प्रशासन को जानकारी थी, तो उन्हें नदी किनारे रह रहे लोगों को अलर्ट करना चाहिए था।