शासन ने SGRR मेडिकल कॉलेज पर लगाया प्रति छात्र 10 लाख रुपए जुर्माना, जानिए पूरा मामला
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एमबीबीएस छात्रों से निश्चित धनराशि से अधिक फीस वसूली प्रकरण में शासन की फीस निर्धारण कमेटी ने एसजीजीआर मेडिकल कालेज पर प्रति छात्र 10 लाख रुपये जुर्माना लगाया है। यह जुर्माना वर्ष 2016-17 के एमबीबीएस बैच के मामले में किया गया है।
अपर मुख्य सचिव डॉ. रणवीर सिंह ने बताया कि इस बैच में डेढ़ सौ छात्र थे, लेकिन अधिक फीस वसूले जाने का मामला 30-35 छात्रों से संबंधित है। इसके साथ ही वर्ष 2018-19 के एक मामले में भी मेडिकल कालेज को नोटिस जारी किया गया था, जिसका जवाब प्रबंधन की ओर से दाखिल कर दिया गया है।
अपर मुख्य सचिव डॉ. रणवीर सिंह ने बताया कि वर्ष 2016-17 में एसजीआरआर मेडिकल कालेज गढ़वाल विश्वविद्यालय से संबद्ध रहा है। विवि ने जो फीस निर्धारित की थी, उससे अधिक फीस वसूले जाने की शिकायत की गई थी।
पांच लाख रुपये निर्धारित फीस के स्थान पर 17.5 लाख रुपये फीस ली गई। इस पर मेडिकल कालेज प्रबंधन को नोटिस जारी किया गया था। कमेटी ने यह तय किया है कि जिन छात्रों से अधिक वसूली की गई, उनके हिसाब से प्रति छात्र 10 लाख रुपये जुर्माना वसूला जाएगा।
इसके साथ ही वर्ष 2018-19 में भी एमबीबीएस कक्षाओं की अधिक फीस निश्चित कर ली गई। इस पर भी नोटिस जारी किया गया है, जिसका प्रबंधन की ओर से जवाब दे दिया गया है। इस संबंध में एसजीआरआर मेडिकल कालेज के वरिष्ठ जनसंपर्क अधिकारी भूपेंद्र रतूड़ी ने बताया कि हाईकोर्ट का स्पष्ट आदेश है कि अपीलीय अथॉरिटी 6 सप्ताह के अंदर प्रकरण का निस्तारण करे, ताकि फीस निर्धारित की जा सके।
कालेज प्रबंधन ने हाईकोर्ट को अवगत कराया था कि जो फीस सरकार ने तय की है, वह छह साल पुरानी है, जबकि फीस हर तीन साल बाद रिवाइज्ड होनी चाहिए। छात्रों को सीए की रिपोर्ट के आधार पर फीस बताई गई थी। 90 फीसदी छात्रों ने फीस स्वीकार कर ली भी। छात्रों को स्पष्ट कर दिया गया था कि हाईकोर्ट व अपीलीय प्राधिकरण द्वारा जो फीस तय की जाएगी, वह सभी को मान्य होगी। यह निर्णय कोर्ट की अवहेलना है और मान्य नहीं है।