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गंगा में ऑनलाइन प्रदूषण की स्थिति बताएगी ये तकनीक, जानिए कैसे करेगी काम

Tue, 01 Jan 2019 11:37 AM IST
vivek shukla राजेश शर्मा, अमर उजाला, हरिद्वार
राजेश शर्मा, अमर उजाला, हरिद्वार Published by: vivek shukla Updated Tue, 01 Jan 2019 11:37 AM IST
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technique will tell online pollution situation in  ganga
ganga snan

भेल की तकनीकी से अब श्रद्धालुओं को गंगा में प्रदूषण की स्थिति की पल पल जानकारी मिल सकेगी। हरकी पैड़ी और प्रेमनगर आश्रम में इसके लिए स्क्रीन लगाई जाएगी। इसके अलावा ऑनलाइन में आम आदमी को इसकी जानकारी दी जाएगी। इसके साथ ही भेल नए साल में अपने कारोबार को बढ़ाने पर भी विचार कर रहा है।

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नए साल में नई उम्मीदों के बारे में भेल हीप के कार्यपालक निदेशक संजय गुलाटी ने अमर उजाला को बताया कि भेल सामाजिक सरोकारों के तहत शहर हित में कार्य करने के लिए हमेशा आगे रहा है। रायवाला में कैंसर पीड़ितों के लिए हॉस्पिटल का निर्माण रहा हो। हरकी पैड़ी समेत गंगा घाटों पर संसाधन जुटाने और भगत सिंह चौक के पास महात्मा गांधी वाटिका का निर्माण में भेल ने महत्वूपर्ण भूमिका निभाई है।

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दो बड़ी स्क्रीन लगाने की योजना पर विचार

गंगा को प्रदूषण मुक्त करने की योजना के तहत हरकी पैड़ी और प्रेमनगर आश्रम के पास अत्याधुनिक तकनीक पर आधारित दो बड़ी स्क्रीन लगाने की योजना पर विचार कर रहा है, जिससे हरिद्वार आने वाले श्रद्धालुओं को गंगा में प्रदूषण का स्क्रीन पर ही पता लगता रहे।

साथ ही यदि प्रदूषण होता है तो संबंधित इकाई उसका निराकरण कर गंगा को प्रदूषण से मुक्ति दिलाने के लिए भी काम कर सके। उन्होंने बताया कि योजना पर तेजी से काम चल रहा है।  
  
उन्होंने बताया कि इसके साथ ही भेल रेलवे के साथ मिलकर टीबड़ी के पास खाली पड़ी अपनी भूमि पर एक बड़ा यार्ड बनाने की योजना पर भी विचार कर रहा है। इस बारे में भी प्रक्रिया अंतिम दौर में है।

आने वाले दौर में भेल सफलता की नई ऊंचाईयों को छुएगा

उम्मीद जताई कि नए साल में शहर और आसपास के क्षेत्र में स्थित औद्योगिक इकाइयों के लिए यह बड़ा यार्ड बनाने का काम धरातल पर उतर सकेगा। उन्होंने दावा किया कि इस यार्ड के बनने से भेल समेत सिडकुल की गई औद्योगिक इकाइयों को बाहर से आने वाला अपना सामान रेलवे से मंगाने में काफी मदद मिलेगी।

इससे ट्रांसपोर्ट पर आने वाला खर्च भी कम होगा। उन्होंने दावा किया कि अंतरराष्ट्रीय स्पर्द्धा में अपनी सशक्त मौजूदगी के साथ नए साल में कारोबार के नए विकल्प तलाशने के लिए भी काम कर रहा है ताकि कंपनी को पहले जैसी प्रतिष्ठा दोबारा प्रदान की जा सके।

उन्होंने बताया कि करीब दस हजार करोड़ रुपये की लागत से बांग्लादेश के लिए जनरेटर बनाने की योजना पर भेल ने तेजी से काम शुरू कर दिया है। यह प्रोजेक्ट भारत-बांग्लादेश मैत्री समझौते के तहत भेल को मिला था। इस प्रोजेक्ट से भी भेल को बड़ा सहारा मिलने की उम्मीद है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले दौर में भेल सफलता की नई ऊंचाईयों को छुएगा।

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