{"_id":"5d2a39b58ebc3e6cf13a2049","slug":"teachers-duty-to-be-held-childrens-counting-dehradun-news-drn312836873","type":"story","status":"publish","title_hn":"बालगणना में लगेगी शिक्षकों की ड्यूटी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बालगणना में लगेगी शिक्षकों की ड्यूटी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षकों को एक माह तक बालगणना करना होगा। इस बाबत विस्तृत कार्यक्रम जारी कर दिया है। प्रदेश में 16 जुलाई से 30 अक्तूबर बालगणना की प्रक्रिया चलेगी। गणना में ड्यूटी लगाए जाने के निर्णय पर शिक्षक संघ ने कड़ी नाराजगी जताई है।
सर्व शिक्षा अभियान की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार 16 जुलाई तक स्टीयरिंग समिति का गठन व बैठक होगी। 24 जुलाई तक बालगणना पंजिका व संकलन प्रपत्रों का मुद्रण, 30 जुलाई तक संकलन प्रपत्रों को विद्यालयों तक पहुंचाने, एक अगस्त तक बस्तीवार बालगणना करने, 20 अगस्त तक बालगणना पूरी करने, 30 अगस्त तक संकुल स्तर पर गणना संकलन, 10 सितंबर तक ब्लॉक स्तर पर गणना संकलन, 30 सितंबर तक जिला स्तर पर संकलन, 15 अक्तूबर तक जिला स्तर पर विश्लेषण व सत्यापन और 30 अक्तूबर तक जिले से संकलित गणना को राज्य स्तर तक भेजने का समय तय किया गया है।
जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के कोषाध्यक्ष सतीश घिल्डियाल ने कहा कि विभाग शिक्षा में गुणवत्ता बढ़ाने की बात कर रहा है। शिक्षक एक माह तक विद्यालयों से दूर रहेंगे तो पढ़ाई निश्चित प्रभावित होगी। इसका खामियाजा छात्र-छात्राओं को भुगतना पड़ेगा। प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष दिग्विजय सिंह चौहान ने कहा कि बालगणना से विद्यालय न जाने वाले बच्चों को पढ़ाई से जोड़ने में मदद मिलती है, लेकिन साथ ही शिक्षकों के बाहर रहने से पढ़ाई भी प्रभावित होती है। ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए, जिससे पढ़ाई प्रभावित न हो।
विज्ञापन
विज्ञापन
प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षकों को एक माह तक बालगणना करना होगा। इस बाबत विस्तृत कार्यक्रम जारी कर दिया है। प्रदेश में 16 जुलाई से 30 अक्तूबर बालगणना की प्रक्रिया चलेगी। गणना में ड्यूटी लगाए जाने के निर्णय पर शिक्षक संघ ने कड़ी नाराजगी जताई है।
सर्व शिक्षा अभियान की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार 16 जुलाई तक स्टीयरिंग समिति का गठन व बैठक होगी। 24 जुलाई तक बालगणना पंजिका व संकलन प्रपत्रों का मुद्रण, 30 जुलाई तक संकलन प्रपत्रों को विद्यालयों तक पहुंचाने, एक अगस्त तक बस्तीवार बालगणना करने, 20 अगस्त तक बालगणना पूरी करने, 30 अगस्त तक संकुल स्तर पर गणना संकलन, 10 सितंबर तक ब्लॉक स्तर पर गणना संकलन, 30 सितंबर तक जिला स्तर पर संकलन, 15 अक्तूबर तक जिला स्तर पर विश्लेषण व सत्यापन और 30 अक्तूबर तक जिले से संकलित गणना को राज्य स्तर तक भेजने का समय तय किया गया है।
विज्ञापन
जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के कोषाध्यक्ष सतीश घिल्डियाल ने कहा कि विभाग शिक्षा में गुणवत्ता बढ़ाने की बात कर रहा है। शिक्षक एक माह तक विद्यालयों से दूर रहेंगे तो पढ़ाई निश्चित प्रभावित होगी। इसका खामियाजा छात्र-छात्राओं को भुगतना पड़ेगा। प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष दिग्विजय सिंह चौहान ने कहा कि बालगणना से विद्यालय न जाने वाले बच्चों को पढ़ाई से जोड़ने में मदद मिलती है, लेकिन साथ ही शिक्षकों के बाहर रहने से पढ़ाई भी प्रभावित होती है। ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए, जिससे पढ़ाई प्रभावित न हो।
विज्ञापन