सिर्फ बच्चे ही नहीं अब शिक्षक भी नहीं मार सकेंगे स्कूल से बंक
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जिस तरह हर स्टूडेंट्स के स्कूल आने और जाने का लेखा-जोखा शिक्षक अपने पास रखते हैं। उसी तरह ऐसी व्यवस्था लागू हुई है कि अब शिक्षक भी स्कूल से बंक नहीं मार सकेंगे।
जौनसार बावर क्षेत्र के ज्यादातर इंटर कॉलेजों और हाईस्कूलों में बायोमीट्रिक मशीनें लगाने का काम पूरा कर हो चुका है। जिसके चलते अब मास्टर जी बिना बताए स्कूल से बंक नहीं मार सकेंगे। अन्य स्कूलों में भी मशीनों को लगाने का काम तेजी से किया जा रहा है।
वहीं ग्रामीणों ने इंटर कॉलेज और हाईस्कूल की तर्ज पर प्राइमरी और जूनियर हाईस्कूलों में भी मशीनों को लगाने की मांग की है।
मशीन लगने का असर, शिक्षक हुए पाबंद
जौनसार बावर क्षेत्र में 30 इंटर कालेज और 33 हाईस्कूल हैं। जिनमें से कालसी विकास खंड में 13 इंटर कॉलेज और 17 हाईस्कूल जबकि चकराता विकास खंड में 17 इंटर कॉलेज और 16 हाईस्कूल हैं। जिनमें से वर्तमान में कालसी विकास खंड के 13 इंटर कॉलेज और 11 हाईस्कूल और चकराता विकास खंड के 17 इंटर कॉलेज और आठ हाईस्कूलों में मशीनों को लगाने का काम पूरा हो चुका है।
सभी मशीनों को बीईओ कार्यालय से जोड़ा गया है। जिससे बीईओ को शिक्षकों की उपस्थिति की रोजाना अपडेट मिल सके। पीटीए अध्यक्ष अमर सिंह चौहान, राजेंद्र सिंह चौहान आदि का कहना है कि क्षेत्रीय जनता के आंदोलन के चलते ही स्कूलों में बायोमीट्रिक मशीनों को लगाने का काम किया गया है।
क्षेत्र के ज्यादातर स्कूलों से शिक्षक अनुपस्थित रहते थे। जिसका खामियाजा छात्रों को उठाना पड़ता था, लेकिन अब स्कूलों में मशीनों के लगने के बाद से सभी शिक्षक नियमित रूप से समय पर स्कूल पहुंच रहे हैं।