Exclusive: शिक्षा विभाग के अजब-गजब हाल, तबादला एक्ट दरकिनार कर बिना नियमावली शिक्षकों की तैनाती की तैयारी
कोई नियमावली नहीं होने से प्रदेश के विभिन्न जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों में जुगाड़ व सिफारिश से शिक्षक तैनाती पा रहे हैं। अब जबकि, एससीईआरटी व डायट्स में शिक्षकों की तैनाती को लेकर नियमावली नहीं बनीं। वहीं, तबादला एक्ट लागू होने के बावजूद विभाग की ओर से इसे दरकिनार कर बड़ी संख्या में शिक्षकों और कर्मचारियों को इधर से उधर किया जा रहा है।
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अपर निदेशक एससीईआरटी डॉ. आरडी शर्मा ने इस संबंध में निर्देश जारी किया है। प्रदेश में एससीईआरटी और डायट्स के लिए ढांचा और नियमावली बननी है। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक इसके लिए विभाग की ओर से कुछ संशोधन के बाद शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। शासन स्तर से इस पर सहमति के बाद इसे कैबिनेट में लाया जाना है, जबकि केंद्र सरकार की ओर से वर्ष 2013-14 में प्रस्तावित ढांचे को प्रदेश सरकार ने मंजूरी दी है, लेकिन इसकी नियमावली न बनने की वजह से इसे लागू नहीं किया जा सका है।
इससे हर साल सरकार को करोड़ों की चपत लग रही है। कोई नियमावली नहीं होने से प्रदेश के विभिन्न जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों में जुगाड़ व सिफारिश से शिक्षक तैनाती पा रहे हैं। अब जबकि, एससीईआरटी व डायट्स में शिक्षकों की तैनाती को लेकर नियमावली नहीं बनीं। वहीं, तबादला एक्ट लागू होने के बावजूद विभाग की ओर से इसे दरकिनार कर बड़ी संख्या में शिक्षकों और कर्मचारियों को इधर से उधर किया जा रहा है।
शिक्षा विभाग में बड़ा खेल
जिन शिक्षकों को स्कूलों में बच्चों को पढ़ाने के लिए तैनात किया गया है। वह स्कूल छोड़ डायट्स में तैनाती पा रहे हैं। इससे स्कूलों में बच्चे सफर कर रहे हैं। देहरादून, हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर आदि में कई शिक्षक सिफारिश से तैनाती पाए हैं।
इन विषयों के शिक्षकों की होनी है काउंसिलिंग
एससीईआरटी देहरादून में नौ नवंबर को सीनियर लेक्चरर, लेक्चरर, इतिहास, मनोविज्ञान, हिंदी, शिक्षाशास्त्र, अंग्रेजी, शैक्षिक तकनीकी, आईटी एवं तकनीकी सहायक, दस नवंबर को लेक्चरर भूगोल, राजनीति विज्ञान, रसायन विज्ञान, संस्कृत, समाजशास्त्र, जीव विज्ञान, अर्थशास्त्र एवं गणित, 11 नवंबर को कार्यानुभव शिक्षक एवं सांख्यिकीकार।
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जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों में लगभग 72 शिक्षकों की तैनाती की जानी है। कैबिनेट जिस दिन से नया ढांचा पास करेगी उसे उस दिन से लागू किया जाएगा। अभी व्यवस्था के तौर पर शिक्षकों की तैनाती की जा रही है। प्रदेश के पर्वतीय जिलों खासकर पिथौरागढ़ और उत्तरकाशी में शिक्षक न होने से दिक्कत आ रही है। -डा.आरडी शर्मा, अपर निदेशक एससीईआरटी