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शिक्षक भर्ती फर्जीवाड़ा: आरोप साबित हुआ तो 165 शिक्षक होंगे बर्खास्त, पढ़ें पूरा मामला
Fri, 13 Sep 2019 08:24 AM IST
अलका त्यागी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: अलका त्यागी
Updated Fri, 13 Sep 2019 08:24 AM IST
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- फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर
शिक्षक भर्ती के लिए डीएलएड किए बगैर फर्जी तरीके से खुद को डीएलएड दर्शाते हुए सीटेट करने का आरोप साबित हुआ तो 165 शिक्षक बर्खास्त हो सकते हैं। जसपुर ऊधमसिंह नगर के एक अभ्यर्थी ने इन शिक्षकों के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है। कोर्ट में इस मामले की सुनवाई हो चुकी और जल्द ही निर्णय आ सकता है।
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केंद्रीय अध्यापक पात्रता परीक्षा (सीटेट) में बैठने के लिए वर्ष 2012 के बाद और वर्ष 2016 से पहले अभ्यर्थी का दो वर्षीय डीएलएड या बीटीसी होना अनिवार्य था, लेकिन कुछ बीएड अभ्यर्थियों ने सीटेट की परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन करते हुए डीएलएड किए बगैर ही खुद को डीएलएड दर्शा दिया। परीक्षा पास करने के बाद यह अभ्यर्थी वर्ष 2016 में विभाग में 1156 पदों के लिए हुई भर्ती में सहायक अध्यापक के पद पर नियुक्ति भी पा गए।
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जबकि राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) की गाइडलाइन के अनुसार उस दौरान बीएड अभ्यर्थी सीटेट में बैठने के लिए पात्र नहीं थे। डीएलएड और बीटीसी अभ्यर्थी ही इसके लिए आवेदन कर सकते थे, लेकिन कुछ अभ्यर्थियों ने एनसीटीई की गाइडलाइन की अनदेखी की।
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विभागीय सूत्रों का कहना है कि शिक्षकों की भर्ती के दौरान विभागीय अधिकारियों की ओर से भी इस मामले की अनदेखी की गई। यदि शिक्षकों पर आरोप साबित हुआ तो संबंधित विभागीय अधिकारियों पर भी कार्रवाई हो सकती है।
बगैर डीएलएड किए सीटेट के लिए आवेदन कर शिक्षा विभाग में नियुक्ति पाने का यह मामला कोर्ट में विचाराधीन है। मामले में कोर्ट के आदेश के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
- आरके कुंवर, शिक्षा निदेशक