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उत्तराखंड के 10 हजार से ज्यादा संस्थानों में पकड़ी 150 करोड़ की टीडीएस चोरी

Fri, 07 Feb 2020 09:07 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal आफताब अजमत, अमर उजाला, देहरादून
आफताब अजमत, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Fri, 07 Feb 2020 09:07 AM IST
सार

  • उच्च शिक्षा निदेशालय पर सात करोड़ का टीडीएस बकाया
  • प्रदेश में 10 हजार से ज्यादा टीडीएस के डिफॉल्टर आए पकड़ में
  • 700 से ज्यादा को कारण बताओ नोटिस, जवाब न मिला तो खाते सीज

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TDS worth rupees 150 crores caught in more than 10 thousand institutions of Uttarakhand
प्रतीकात्मक तस्वीर

विस्तार

आयकर विभाग ने प्रदेशभर में 10 हजार से ज्यादा प्रतिष्ठानों से 150 करोड़ से ऊपर की टीडीएस (टैक्स डिडक्टेड एट सोर्स) चोरी पकड़ी है। इनमें से करीब पांच हजार प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी किया जा चुका है। 140 से अधिक प्रतिष्ठानों के खाते सीज कर दिए गए हैं।

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इस साल आयकर विभाग की टीडीएस विंग तेजी से सर्वे करने में जुटी है। अभी तक 30 से अधिक सर्वे किए जा चुके हैं। आयकर विभाग के सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, प्रदेशभर में दस हजार से ज्यादा प्रतिष्ठान चिह्नित किए गए हैं। इनमें ज्यादा संख्या सरकारी संस्थानों की है।

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डिमांड आने के बाद पिछले महीने खाते सीज किए गए

उच्च शिक्षा निदेशालय में सात करोड़ रुपये की डिमांड आने के बाद पिछले महीने खाते सीज किए गए थे। निदेशालय की मांग पर एक महीने का समय दिया गया है, जिसकी अवधि खत्म होने वाली है।

इसी प्रकार, डीएफओ अल्मोड़ा की करीब डेढ़ करोड़, गवर्नमेंट डिग्री कॉलेज डाकपत्थर की करीब 65 लाख, पशुपालन निदेशालय पर करीब 25 लाख रुपये की टीडीएस डिमांड है, जिसका जवाब न मिलने पर उनके खाते सीज किए गए हैं। उत्तरांचल ट्रांसपोर्ट पर 85 लाख रुपये की डिमांड सामने आई है।

विभाग, स्कूल, कॉलेज, विवि सभी शामिल

टीडीएस में गड़बड़ी करने वालों में न केवल सरकारी विभाग बल्कि केंद्रीय विद्यालयों से लेकर तमाम सरकारी और निजी स्कूल, कॉलेज भी शामिल हैं। विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, इसमें कई जिलाधिकारी और पुलिस अफसरों के कार्यालय भी पकड़ में आए हैं। सभी को नोटिस भेजे जा रहे हैं।

इस तरह की गड़बड़ियां

आयकर विभाग की जांच में सामने आया है कि तमाम संस्थानों ने या तो टीडीएस काटने के बाद जमा नहीं कराया है या फिर गलत पैन नंबर भरकर टीडीएस काट लिया है। तमाम ऐसे भी संस्थान हैं जो कि कई-कई वर्षों से टीडीएस रिटर्न ही नहीं भर रहे हैं। 

टीडीएस को लेकर प्रदेशभर में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी चल रही है। अभी तक हम 5000 से ज्यादा प्रतिष्ठानों को नोटिस भेज चुके हैं। 700 से ज्यादा खाते अभी अटैच चल रहे हैं। भविष्य में कार्रवाई तेज की जाएगी।
- लियाकत हुसैन आफाकी, संयुक्त आयकर आयुक्त टीडीएस
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