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31 मार्च : पहले करें प्लानिंग तो बचेगा टैक्स
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
Updated Sat, 27 Feb 2016 09:41 AM IST
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31 मार्च यानी वित्त वर्ष खत्म होने से पहले अगर आप कुछ कदम उठा लेते हैं तो टैक्स की बड़ी बचत हो सकती है।
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इसमें आईटीआर और प्रोफेशनल टैक्स भरना भी शामिल है। आपको बता रहे हैं ऐसे ही कुछ टिप्स जो बचा सकते हैं आपको वित्तीय विपत्तियों से।
निवेश करो, टैक्स से बचो
आयकर की धारा-80 सी के तहत निवेश की सीमा 1,50,000 रुपये है। इसमें निवेश के अलावा बच्चों की स्कूल फीस और होम लोन के लिए मूलधन अदायगी शामिल है। आयकर की धारा-80 सीसीडी (1 बी) के तहत नेशनल पेंशन स्कीम में 50 हजार रुपये का निवेश अतिरिक्त टैक्स से बचाएगा।
अगर आप वेतनभोगी हैं और अपने कार्यालय से मेडिकल खर्च पाने के हकदार हैं तो मेडिकल बिल नियोक्ता को देना न भूलें। किराये के मकान में रहते हैं तो किराये की रसीदें दफ्तर में जरूर जमा करा दें।
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हेल्थ इंश्योरेंस कराएं
परिवार की हेल्थ पॉलिसी भी आपको टैक्स से बचा सकती है। आयकर की धारा-80 डी के तहत 25 हजार रुपये तक के प्रीमियम पर टैक्स में छूट पा सकते हैं। अगर आपके माता-पिता की उम्र 60 वर्ष से अधिक है तो यह सीमा 30 हजार रुपये है।
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हेल्प चेकअप कराएं
अगर 31 मार्च से पहले हेल्थ चेकअप करा लेते हैं तो इस पर भी 50 हजार रुपये तक के खर्च पर इन्कम टैक्स में छूट का लाभ मिलेगा। यह खर्च धारा 80 डी के तहत मिली छूट की सीमा के भीतर किया जा सकता है।
होम लोन के ब्याज पर छूट
होम लोन पर चुकाए गए ब्याज पर टैक्स छूट मिलती है। अगर आप जिस घर का लोन दे रहे हैं, उसमें खुद रहते हैं तो इसमें दो लाख रुपये तक का ब्याज आमदनी में से घटाकर टैक्स में छूट पा सकते हैं।
अगर वह घर किराए पर दिया है तो बिना किसी तय सीमा के पूरे ब्याज पर टैक्स में छूट पा सकते हैं। इसके लिए बैंक से प्रमाण पत्र लेकर अपने कार्यालय में जमा करा दें।
यहां भी मिल सकता है लाभ
अगर आपने पीपीएफ या एनपीएस अकाउंट खोला है तो एक वित्त वर्ष में इसमें 500 रुपये से 6000 रुपये तक का निवेश करना होता है। ऐसा न करने पर जुर्माना देना होगा। इसलिए इन खातों में न्यूनतम रकम जमा करना न भूलें।
आईटीआर भरें
वित्त वर्ष के दौरान अर्जित आय का रिटर्न उस वित्तीय वर्ष की अंतिम तिथि से दो साल के भीतर भरा जा सकता है। इसके बाद आयकर विभाग पांच हजार रुपये जुर्माना वसूल सकता है। अगर आपने पुराना आईटीआर फाइल नहीं किया है तो 31 मार्च से पहले उसे जरूर भर लें। ऐसा न करने पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
प्रोफेशनल टैक्स
वेतनभोगी कर्मचारियों से प्रोफेशनल टैक्स उनके वेतन से काट लिया जाता है, लेकिन अगर आपका अपना बिजनेस है या आपको प्रोफेशनल फीस के रूप में आमदनी होती है तो आपको प्रोफेशनल टैक्स खुद चुकाना होगा, जिसकी अंतिम तिथि 31 मार्च है।