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जानिए, कैट टॉपर्स का सक्सेस मंत्रा

Wed, 15 Jan 2014 02:06 PM IST
अमर उजाला, देहरादून
अमर उजाला, देहरादून Updated Wed, 15 Jan 2014 02:06 PM IST
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talk with common admission test toppers

मंगलवार को कॉमन एडमिशन टेस्ट (कैट) के परिणाम आ गए। इसमें किसी ने सफलता हासिल की तो किसी ने अगली बार बाजी मारने का प्रण किया। अमर उजाला से हुई कैट टॉपर्स की बातचीत में सफलता के कई राज सामने आए।

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फैमिली बिजनेस को आगे बढ़ाने की तमन्ना
देहरादून के राजेंद्र नगर निवासी शुभम गोयल ने कैट में 99.42 परसेंटाइल के साथ आईआईएम अहमदाबाद में जगह बनाई है। सेंट जोजेफ्स एकेडमी में 12वीं में 97.7 प्रतिशत अंकों के साथ टॉप कर चुके शुभम ने बिट्स पिलानी से केमिकल इंजीनियरिंग की है।
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इन दिनों वे एक प्राइवेट कंपनी में जॉब कर रहे हैं। शुभम ने बताया कि गत वर्ष भी उन्हें दो जगहों से कॉल आई थी लेकिन उनका लक्ष्य आईआईएम अहमदाबाद ही था। शुभम अपने पिता रजनीश गोयल के बिजनेस को आगे बढ़ाना चाहते हैं।

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शुभम के मुताबिक कैट की तैयारी करने वाले युवाओं को हर टॉपिक और उसका कांसेप्ट अच्छी तरह क्लियर कर लेना चाहिए। जितने ज्यादा हो सके मॉक टेस्ट देने चाहिए।

एग्रीकल्चर इंजीनियरिंग से एग्री मैनेजमेंट तक
मूलरूप से पंतनगर निवासी आकांक्षा तिवारी ने 93.2 परसेंटाइल के साथ आईआईएम अहमदाबाद एग्री बिजनेस मैनेजमेंट कोर्स में जगह बनाई है।

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देहरादून के कॅरियर लांचर से कोचिंग करने वाली आकांक्षा ने बताया कि पंतनगर विवि से एग्रीकल्चर इंजीनियरिंग करने के दौरान ही उन्हें आईआईएम के इस खास कोर्स का पता चला था।

गत वर्ष भी कैट दिया लेकिन अच्छी परसेंटाइल नहीं मिली थी। एक साल और तैयारी कर एग्जाम दिया तो कामयाबी हासिल हो गई। आकांक्षा के पिता ललित मोहन तिवारी यूपी सरकार से रिटायर्ड हैं जबकि मां सरोज तिवारी हाउसवाइफ हैं।

कैट की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए उन्होंने बताया कि पहले लक्ष्य तय कर लें कि आपको किस आईआईएम में जाना है। इसके बाद जीतोड़ मेहनत करें।

क्षमताओं को पहचानकर करें तैयारी
यश गुप्ता ने आईआईटी रुड़की से बीटेक सिविल इंजीनियरिंग की है। इन दिनों वह एक कंपनी में जॉब कर रहे हैं। कैट में 99.85 परसेंटाइल प्राप्त करने वाले यश ने कहा कि वे इंजीनियरिंग के बाद अब अगर अच्छा आईआईएम मिल जाता है तो एमबीए करना चाहते हैं।

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उनके पिता चंद्र प्रकाश गुप्ता बिजनेसमैन हैं। वे एमबीए के बाद अपने पिता के बिजनेस को चार चांद लगाना चाहते हैं। यश का परिवार अहमदाबाद में रहता है। यश ने कहा कि जो युवा कैट की तैयारी कर रहे हैं, उन्हें अपनी क्षमताओं को पहचानना होगा। अपनी कमजोरियों को दूर करें और एकजुट होकर तैयारी करें।

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