{"_id":"b222c15f1f4abbc8c4ea4556bec949d5","slug":"sweeper-on-strike-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बेमियादी हड़ताल पर रहेंगे सफाई कर्मचारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बेमियादी हड़ताल पर रहेंगे सफाई कर्मचारी
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
Updated Sun, 07 Jun 2015 05:31 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
देहरादून नगर निगम से छह सुपरवाइजरों को हटाने के बाद अन्य सुपरवाइजरों समेत सभी तीन सौ डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन करने वाले सफाई कर्मचारियों ने सोमवार से हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी है।
विज्ञापन
कर्मचारियों का कहना है कि बिना संसाधन दिए सुपरवाइजर कैसे 25 लाख रुपये का लक्ष्य प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने गरीब कर्मचारियों के मानसिक उत्पीड़न का आरोप लगाया है।
विज्ञापन
शुक्रवार को मुख्य नगर अधिकारी नितिन सिंह भदौरिया ने छह सुपरवाइजरों को बर्खास्त कर दिया, जबकि अन्य 52 के वार्ड बदल दिए गए। इससे नाराज सुपरवाइजर और सफाई कर्मचारियों ने शनिवार को आंदोलन की रणनीति तय कर सोमवार से हड़ताल पर जाने का ऐलान कर दिया।
विज्ञापन
कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि बिना पूर्व सूचना के छह सुपरवाइजरों को बर्खास्त करने की कार्रवाई तानाशाही है। उन्होंने कहा कि किसी भी क्षेत्र में हर दिन कूड़ा उठाने के लिए वाहन नहीं जाता। ऐसे में लोग सुपरवाइजरों को ही धमकाते रहते हैं। ऊपर से नाराज लोगों से रुपये मांगने पर विवाद की स्थिति हो जाती है।
वहीं नगर निगम ने 25 लाख रुपये का लक्ष्य दे रखा है, जो अव्यवहारिक है। कर्मचारियों ने कहा कि आंदोलन के तहत सोमवार से सफाई व्यवस्था पूरी तरह से ठप कर दी जाएगी। उधर, मुख्य नगर अधिकारी नितिन सिंह भदौरिया ने कहा कि हड़ताल की सूचना उनके पास नहीं है। अगर ऐसा है तो निगम सफाई के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करेगा।
ये हैं कर्मचारियों के सवाल
- छह सुपरवाइजर कार्य से वंचित किए गए हैं, उनको किस आधार पर वंचित किया गया है। बिना कार्यवाही और सूचना के कैसे वंचित किया गया है।
- सुपरवाइजरों को प्रतिमाह लक्ष्य दिया गया है, वो किस आधार पर दिया गया है।
- साठ वार्डों में तैनात सुपरवाइजरों ने वसूली रसीद बुक व पैसे नगर निगम में जमा किए हैं, फिर भी नगर निगम मना कर रहा है।
- तीन माह से किसी भी कर्मचारी का वेतन नहीं मिला है।