'इंदिरा, राजीव और सोनिया ने कहा था कि वे हिंदू हैं'
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अब विहिप और संघ की तर्ज पर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने कहा कि देश की जनता ने कांग्रेस को हिंदूओं की उपेक्षा की सजा दी है। अब यह बात साफ हो गई है कि हिंदुओं का विरोध कर कोई दल सत्ता में नहीं आ सकता। हिंदू भावनाओं का सम्मान सभी को करना होगा।
शुक्रवार दोपहर बदरीनाथ रवाना होते हुए शारदा और ज्योर्ति (ज्योतिष) पीठाधीश्वर ने पत्रकारों से वार्ता में कहा कि इंदिरा, राजीव और सोनिया ने स्वयं उनसे मिलकर कहा था कि वे हिंदू हैं।
राहुल भी हिंदू
शंकराचार्य के रूप में उन्होंने इस स्वीकृति को स्वीकार किया था। राहुल गांधी भी उसी वंश से आने के कारण हिंदू हैं। यह और बात है कि वह आज तक उनसे मिलने नहीं आए। केदारनाथ जाने के बारे में पूछे गए सवाल पर शंकराचार्य ने कहा कि राहुल को इसका पुण्य जरूर मिलेगा।
आरक्षण की वजह से विदेशों में चले गए हिंदू
उन्होंने कहा कि भारत से विदेश गए हिंदू सरकार की आरक्षण नीति से त्रस्त थे। जब भारत में आरक्षण के कारण नौकरियां नहीं मिली तो कुछ लोगों ने झगड़ने के बजाय विदेश जाना उचित समझा। यह गर्व का विषय है कि दुनियाभर में हिंदुओं ने सम्मान प्राप्त किया।
सड़क मार्ग से बदरीनाथ गए स्वरूपानंद
स्वरूपानंद सरस्वती दोपहर ढाई बजे कार से बदरीनाथ के लिए रवाना हुए। वे रात्रि विश्राम श्रीनगर में करेंगे। 23 मई को वह चमोली में रुकेंगे। 24 मई को शंकराचार्य ज्योर्तिमठ स्थित त्रोटकाचार्य की गुफा में रहेंगे।
28 मई को जोशीमठ से उनकी यात्रा बदरीनाथ के लिए रवाना होगी। दो दिन बिताने के बाद वह 30 मई को पुन: जोशीमठ लौटेंगे। शंकराचार्य की हरिद्वार वापसी एक मई को होगी।