स्वामी शिवानंद बोले, सरकार ने अखाड़ों को जमीन दी तो कोर्ट में जाएगी मातृसदन
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मातृसदन के परमाध्यक्ष स्वामी शिवानंद सरस्वती ने कहा कि अगर सरकार ने अखाड़ों को जमीन उपलब्ध कराई तो इसका पुरजोर विरोध किया जाएगा। उन्होंने कहा कि परंपरा के हिसाब से मिली जमीन पर अपार्टमेंट बनाकर बेचने वाले संतों द्वारा सरकार से जमीन मांगना सरकारी जमीनों की लूट की तरह है।
उन्होंने कहा कि अगर सरकार ने अखाड़ों को जमीन दी तो मातृसदन कोर्ट में जाएगी और सरकार के खिलाफ संघर्ष किया जाएगा। बृहस्पतिवार को आयोजित पत्रकार वार्ता में स्वामी शिवानंद सरस्वती ने कहा कि अखाड़ों के पास बेशुमार संपत्ति है।
छावनी के लिए जो जमीन अखाड़ों को मिली है, उनमें माफिया के साथ मिलकर अखाड़ों ने अपार्टमेंट बनाकर बेच दिए हैं। अब सरकार से जमीन मांगी जा रही है। उन्होंने कहा कि अगर साधु ही लूट में शामिल हो जाएंगे तो देश का क्या होगा।
उन्होंने कहा कि एक तरफ मातृसदन ने संघर्ष करके सरकार की 108 एकड़ भूमि माफिया से मुक्त कराई थी। दूसरी तरफ अखाड़ों के संत जमीन हड़पने की योजना बना रहे हैं।
सानंद की मांगों पर गंभीरता दिखाए सरकार: गोविंदाचार्य
गंगा की अविरलता और निर्मलता की मांग को लेकर अपनी शहादत देने वाले प्रोफेसर जीडी अग्रवाल उर्फ स्वामी ज्ञान स्वरूप सानंद की शहादत को एक साल हो गया है। उन्हें श्रद्धासुमन अप्रित करने मातृसदन में पर्यावरण प्रेमियों और विचारकों ने सरकार पर सानंद की मांगों को लेकर उपेक्षापूर्ण रवैया अपनाने का आरोप लगाया है। सानंद की याद में शुक्रवार को तपस्या की जाएगी और शनिवार को श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया जाएगा।
बृहस्पतिवार को मातृसदन में पहुंचे भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय महासचिव और विचारक केएन गोविंदाचार्य ने पत्रकारों से वार्ता करते हुए कहा कि प्रो जीडी अग्रवाल उर्फ सानंद ने गंगा की निर्मलता के लिए बलिदान दिया, लेकिन इसके बाद भी सरकार उनकी मांगों के प्रति गंभीर नहीं है। सरकार को गंभीरता दिखाते हुए सानंद की सभी मांगों को पूरा करना चाहिए। उन्होंने कहा कि लौहारी नागपाला बिजली परियोजना को फिर से चालू करना ठीक नहीं है।
गंगा को लेकर जल्दी ही कानून बनाने की भी उन्होंने मांग की। मातृसदन के परमाध्यक्ष स्वामी शिवानंद सरस्वती ने आरोप लगाया कि सरकार ने स्वामी सानंद की शहादत का अपमान किया है। वादा करने के बाद भी उनकी मांगों को लेकर गंभीरता नहीं दिखाई।
हालांकि उन्होंने कहा कि एनएमसीजी नेशनल मिशन फॉर क्लीन गंगा की ओर से उन्हें स्वामी सानंद की सभी मांगों को मानने का एक पत्र मिला है, लेकिन धरातन पर कोई काम नहीं किया जा रहा है। बताया कि स्वामी सानंद की पुण्यतिथि पर शुक्रवार को मातृसदन में तपस्या की जाएगी। इस दौरान जलपुरुष राजेंद्र सिंह, जल बिरादरी के राष्ट्रीय समन्वयक सत्यनारायण तथा गांधीवादी रमेश शर्मा आदि ने भी विचार रखे।