हरिद्वार: स्वामी शिवानंद ने सीएम त्रिवेंद्र पर लगाए गंभीर आरोप, खनन को लेकर दिया अल्टीमेटम
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मातृसदन के परमाध्यक्ष स्वामी शिवानंद सरस्वती ने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को चेतावनी दी कि यदि गंगा में खनन खोला गया तो वह आमरण अनशन शुरू कर देंगे। उन्होंने मुख्यमंत्री पर मातृसदन के लिए अमर्यादित भाषा के प्रयोग का आरोप लगाया और इस तरह के आचरण के लिए आरएसएस पर भी सवाल उठाए।
मंगलवार को मातृसदन में पत्रकारों से वार्ता करते हुए स्वामी शिवानंद सरस्वती ने कहा कि खनन को लेकर मातृसदन की ओर से किए गए मुकदमे में हाईकोर्ट में अवमानना का केस चल रहा है।
ऐसे में मुख्यमंत्री की ओर से एक अक्तूबर से खनन खोलने की बात कहना ही न्यायालय की अवमानना की श्रेणी में आता है। इसके लिए विधिक राय लेकर मातृसदन मुख्यमंत्री के खिलाफ कानूूनी कार्रवाई करेगी। उन्होंने कहा कि गंगा में पत्थर ऊपर से बहकर नहीं आता है। इसलिए खनन हो ही नहीं सकता।
आरएसएस पर उठाए सवाल
उन्होंने कहा कि गंगा की रक्षा के लिए स्वामी निगमानंद ने अपना बलिदान दिया था। उनका देहावसान हुआ, लेकिन उनकी वाणी जिंदा है। मातृसदन उनकी लड़ाई को जारी रखे हुए है। उस समय केवल एक स्टोन क्रशर को बंद कराने की लड़ाई लड़ी जा रही थी अब मातृसदन ने 42 क्रशर बंद कराए हैं।
मुख्यमंत्री द्वारा यह कहे जाने पर कि कुछ लोग केवल विरोध करने के लिए ही बने हैं सरकार उनकी परवाह नहीं करेगी, स्वामी शिवानंद ने कहा कि खनन का विरोध मातृसदन ही करती है इसलिए स्पष्ट है कि मातृसदन के बारे में ही यह टिप्पणी की गई है।
उन्होंने इसे अमर्यादित भाषा बताया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने संविधान की शपथ ली है परवाह तो उन्हें करनी ही होगी। स्वामी शिवानंद सरस्वती ने आरएसएस के नेताओं से पूछा कि उनसे जुड़े नेता क्या इसी तरह की भाषा प्रयोग संतों के लिए करते हैं। उन्होंने जिला प्रशासन पर भी सवाल उठाते हुए भी कहा कि जिलाधिकारी को सही तथ्य बताने चाहिए थे कि खनन पर अभी अवमानना का केस चल रहा है। उन्होंने अपने दायित्व का निर्वहन नहीं किया।