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सीएम का बयान सानंद के बलिदान का अपमान, मातृसदन के परमाध्यक्ष करेंगे आमरण अनशन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार
Updated Sat, 13 Oct 2018 10:36 AM IST
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स्वामी शिवानंद
- फोटो : AmarUjala
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गंगा की रक्षा के लिए अनशन करते हुए अपने प्राणों की आहुति देने वाले स्वामी ज्ञानस्वरूप सानंद उर्फ प्रोफेसर जीडी अग्रवाल के बारे में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की ओर से दिए गए बयान पर मातृसदन के परमाध्यक्ष स्वामी शिवानंद सरस्वती ने गहरी नाराजगी जताई है।
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स्वामी शिवानंद ने मुख्यमंत्री के बयान को सानंद के बलिदान का अपमान बताया। उन्होंने मांग की कि सानंद की मौत की जांच के लिए उच्च न्यायालय की निगरानी में एसआईटी गठित की जानी चाहिए। उन्होंने नवरात्र के बाद आमरण अनशन पर बैठने की घोषणा दोहराई।
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शुक्रवार को मातृसदन परिसर में पत्रकारों से वार्ता करते हुए स्वामी शिवानंद ने कहा कि मुख्यमंत्री का यह कहना कि सरकार लगातार स्वामी सानंद के संपर्क में थी और उनका अनशन समाप्त कराने के प्रयास किए जा रहे थे। यह कथन झूठ का पुलिंदा है। मुख्यमंत्री को यह बताना चाहिए कि वे स्वामी सानंद के अनशन के दौरान कितनी बार हरिद्वार आए और इस दौरान उन्होंने कितनी बार सानंद से मुलाकात की। हाईकोर्ट ने आदेश दिया था कि मुख्य सचिव 12 घंटे के अंदर स्वामी सानंद से मिलकर उनकी मांगों पर कार्रवाई करे, लेकिन मिलने के बजाय मुख्य सचिव ने एक महीने बाद वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए उनसे वार्ता की थी।
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स्वामी शिवानंद ने आरोप लगाया कि मुख्य सचिव ने तो यह फरमान भी कर दिया था कि अनशन पर बैठे स्वामी सानंद जिलाधिकारी कार्यालय में स्थित वीडियो कांफ्रेंसिंग कक्ष में जाकर उनसे वार्ता करें। किसी संत का इससे बड़ा अपमान नहीं हो सकता। उन्होंने सानंद की हत्या करने का आरोप दोहराते हुए कहा कि इस हत्या की जांच के लिए उच्च न्यायालय की निगरानी में एक एसआईटी गठित की जानी चाहिए। जिसमें ईमानदार अधिकारियों को शामिल किया जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि ब्रह्मलीन स्वामी सानंद के गुरु स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने भी एसआईटी के गठन की मांग की है। स्वामी शिवानंद सरस्वती ने कहा कि इस पूरे प्रकरण में केंद्र और राज्य सरकार की भूमिका बेहद निंदनीय है। साथ ही उन्होंने घोषणा की कि सानंद के हत्यारों को सजा दिलाने के लिए मातृसदन हाईकोर्ट जाएगा।
सानंद को श्रद्घांजलि देने पहुंचे प्रीतम
गंगा के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर करने वाले ज्ञानस्वरूप सानंद उर्फ प्रोफेसर जीडी अग्रवाल को श्रद्धासुमन अर्पित करने के लिए कांग्रेसी नेता मातृसदन पहुंचे। जहां सभी ने स्वामी सानंद के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह के नेतृत्व में मातृसदन पहुंचे कांग्रेस जनों से स्वामी शिवानंद सरस्वती से भी मुलाकात की और सानंद के बलिदान को अविस्मरणीय बताया। इस दौरान स्वामी शिवानंद ने पूरे घटनाक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि बुधवार को जब प्रशासन की टीम स्वामी सानंद को जबरन उठाकर एम्स ले जा रही थी, तब वे पूरी तरह स्वस्थ थे। उन्होंने मरने से पहले हस्तलिखित पत्र भी जारी किया तो फिर ऐसा क्या हुआ कि उनका निधन हो गया। जब तक वे मातृसदन में थे तब तक ठीक थे और चिकित्सकों के पास जाते ही उनके प्राण चले गए। कांग्रेसी नेताओं ने भी देहावसान को दुखद के साथ ही संदिग्ध भी बताया और जांच की मांग उठाई।