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अयोध्या में राम मंदिर निर्माण करना ही स्वामी सत्यमित्रानंद को होगी सच्ची श्रद्धांजलि: बाबा रामदेव

Wed, 10 Jul 2019 08:33 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार Published by: अलका त्यागी Updated Wed, 10 Jul 2019 08:33 PM IST
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Swami satyamitranand Tribute ceremony many saints and Governors reached haridwar
स्वामी सत्यमित्रानंद गिरी के षोडशी कार्यक्रम में पहुंचे दिग्गज - फोटो : अमर उजाला

भारत माता मंदिर के संस्थापक स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि महाराज के श्रद्धांजलि समारोह बड़ी संख्या में धर्मगुरु, राजनेता और उनके अनुयायी शामिल हुए। स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि को सभी ने गाय, गंगा और भारत माता का सच्चा सपूत बताया। समारोह में उपस्थित सभी संतों ने राम मंदिर का निर्माण, गंगा को निर्मल बनाने, गो हत्या को पूरी तरह प्रतिबंधित करने और स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि के सेवा प्रकल्पों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। बाबा रामदेव ने कहा कि अयोध्या में भव्य राम मंदिर बनाने और भारत को गौ हत्या के कलंक से मुक्त कराना ही स्वामी सत्यमित्रानंद गिरी महाराज के लिए सच्ची श्रद्धांजलि होगी। 

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भारत माता मंदिर के संस्थापक स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि महाराज विगत 25 जून को ब्रह्मलीन हो गए थे। संत परंपरा के अनुसार बुधवार को उनका षोडसी श्रद्धांजलि समारोह था। उत्तरी हरिद्वार स्थित सप्त ऋषि आश्रम के मैदान में आयोजित कार्यक्रम में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत, कार्ष्िणपीठाधीश्वर स्वामी गुरुशरणानंद महाराज, योग गुरु स्वामी रामदेव, अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमहंत हरिगिरि महाराज, शांतिकुंज प्रमुख डा. प्रणव पंड्या, आचार्य बालकृष्ण, स्वामी विश्वेश्वरानंद महाराज,  चीफ इमाम उमेर अहमद इलियासी, शिया धर्मगुरु कोकब मुज्तबा, जत्थेदार गुरुबचन सिंह, उत्तराखंड की राज्यपाल बेबी रानी मौर्य, बिहार के राज्यपाल लालजी टंडन, गोवा की राज्यपाल मृदुला सिन्हा, मेघालय के राज्यपाल तथागत राय, सिक्किम के राज्यपाल गंगा प्रसाद, झारखंड की राज्यपाल द्रोपदी मुर्मू, मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल, कथावाचक रमेश भाई ओझा,  हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर,  मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, उत्तराखंड के शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक, भूमा पीठाधीश्वर स्वामी अच्युतानंद तीर्थ महाराज, जयराम आश्रम के पीठाधीश्वर ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी, परमार्थ निकेतन के स्वामी चिदानंद मुनि, पूर्व केंद्रीय गृहमंत्री स्वामी चिन्मयानंद, भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्याम जाजू, विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय अध्यक्ष विष्णु सदाशिव कोकजे, संगठन मंत्री राजेंद्र पंकज, उद्योगपति अजय गुप्ता सहित बड़ी संख्या में संतों राजनेताओं के अलावा देश विदेश से आए श्रद्धालुओं ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित करके श्रद्धांजलि दी। 

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उत्तराधिकारियों को भेंट की चादर 
सभी के अखाड़ों के संतों की ओर से सनातन परंपरा के अनुसार स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि की स्मृति में उनके उत्तराधिकारियों को चादर भेंट की गई। उत्तराधिकारी जूना पीठाधीश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि ने देश विदेश से आए सभी लोगों का आभार जताया।

सैकड़ों लोगों ने ग्रहण किया प्रसाद 
श्रद्धांजलि समारोह के बाद आयोजित षोडसी भंडारे में सैकड़ों लोगों ने भंडारे का प्रसाद ग्रहण किया। इस दौरान जिलाधिकारी दीपेंद्र सिंह चौधरी, कुंभ मेला अधिकारी दीपक रावत, कुंभ मेला आईजी संजय गुंज्याल, गढ़वाल मंडल के आईजी अजय रौतेला समेत भाजपा, कांग्रेस और अन्य दलों के लोग शामिल हुए। 

मध्यप्रदेश में बनेगा शंकराचार्य का स्मारक
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि महाराज ने उनके मुख्यमंत्री कार्यकाल में स्मारक के लिए पांच लाख का चेक दान के रूप में दिया था। इससे पहले यह काम पूरा हो पाता हमारी सरकार चली गई और नई सरकार ने उस कार्य को फिलहाल रोक दिया है, लेकिन सरकार के रोकने के बावजूद स्वामी जी का यह सपना जल्दी पूरा होगा। उन्होंने कहा कि संत समाज केवल आह्वान कर दे जनता धन एकत्र कर खुद ही समाधि का निर्माण करा देगी।

चीफ इमाम बोले भागवत मिल बैठकर निपटाए सारे मसले 

स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि महाराज के श्रद्धांजलि समारोह में भाग लेने पहुंचे देश के चीफ इमाम मोहम्मद उमर अहमद इलियासी ने कहा कि आरएसएस देश का प्रमुख संगठन है। इसके प्रचारक भी किसी संत से कम नहीं होते। उन्होंने स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि के श्रद्धांजलि समारोह के मंच से कई बार आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत को अपना बड़ा भाई और करीबी बताया। इलियासी ने कहा कि भागवत इस समय राम मंदिर समेत हिंदुस्तान में जितने भी मसले चल रहे हैं उन सभी को आपसी सहमति के साथ मिल बैठकर निपटा लेना चाहिए। इस तरह का खुशनुमा माहौल फिर शायद कभी मिले।

उन्होंने कहा कि स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि भी समन्वय के समर्थक थे और हम सभी को सद्भावना व समन्वय स्थापित करने के लिए ही काम करना चाहिए। अमर उजाला से वार्ता करते हुए चीफ इमाम ने कहा कि चंद लोगों की वजह से फिरका परस्ती का माहौल बनता है। देश में हाल ही में मोब लीचिंग की कई घटनाएं सामने आने के बारे में उन्होंने कहा कि कोई भी धर्म हिंसा नहीं सिखाता। कुछ सिरफिरे लोग ही अपनी करतूतों से दूसरे लोगों को भी बदनाम कर देते हैं। चीफ इमाम के गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग का जयराम आश्रम के पीठाधीश्वर ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी ने भी स्वागत किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि यह बेहद अच्छा सुझाव है सरकार को इस पर अमल करना चाहिए।

...और जब रोके से भी नहीं रुके हरि गिरि
जूना अखाड़े के अंतरराष्ट्रीय संरक्षक स्वामी हरि गिरि महाराज ने संबोधन में खूब खरी-खरी कहीं। आरएसएस के एक बड़े नेता से मुखातिब होते हुए उन्होंने कहा कि मंच पर ऐसे लोग भी मौजूद हैं जो हरिद्वार तो आते हैं, लेकिन नए देवी देवताओं के दर्शन करते हैं। ऐसे लोगों को खुद भी विचार करना चाहिए। उन्होंने स्वामी रामदेव के बारे में कहा कि अपनी मेहनत से स्वामी रामदेव ने विशिष्ट जगह बनाई है। एक समय था जब यह मीडिया से मिलना चाहते थे लेकिन मीडिया के पास इनके लिए समय नहीं था। आज इनके पास मीडिया के लिए समय नहीं है। भाषण लंबा होता देख चिदानंद मुनि उन्हें रोकने के लिए उठे, लेकिन हरि गिरि अपनी बात पूरी करके ही हटे। 
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