ओवैसी की टिप्पणी पर भड़के कैलाशानंद, कहा मठ- मंदिरों में बंद कर देंगे मुसलमानों का प्रवेश
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दक्षिण काली पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद ब्रह्मचारी ने सांसद असदुद्दीन ओवैसी और उनके भाई अकबरुद्दीन ओवैसी की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बारे में की गई टिप्पणी को आपत्तिजनक बताते हुए दोनों की कड़ी निंदा की।
उन्होंने कहा कि यदि दोनों भाइयों ने अपने बयान के लिए लिखित रूप से माफी नहीं मांगी तो धर्मनगरी हरिद्वार सहित सभी शहरों के मठ और मंदिरों में मुसलमानों का प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा।
मंगलवार को काली मंदिर परिसर में पत्रकारों से वार्ता करते हुए स्वामी कैलाशानंद ब्रह्मचारी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कान से खून निकाल देने और यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को मदारी बताने वाले ओवैसी बंधुओं की भाषा देश की अस्मिता पर कुठाराघात है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और योगी आदित्यनाथ हिंदू जनमानस की भावना के प्रतीक हैं। उनके बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी कोई बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि आलोचना का अधिकार लोकतंत्र में सभी को है।
पीएम नरेंद्र मोदी की आलोचना राहुल गांधी और अन्य नेता भी करते हैं, लेकिन वह गरिमामय तरीके से होती है। घटिया मानसिकता और शब्दों का प्रयोग नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि साधु संत फक्कड़ प्रवृत्ति के होते हैं। वह किसी भी तरीके से रह सकते हैं।
योगी आदित्यनाथ संत परंपरा के विराट प्रतिनिधि हैं। ओवैसी बंधुओं को चाहिए कि वह अपनी मर्यादा में रहें और संतों को वस्त्र धारण करने के तरीके न बताएं। उन्होंने कहा कि तेलंगाना में सरकार बनने पर ओवैसी को देश से बाहर कर देने का योगी आदित्यनाथ का बयान पूरी तरह सही है, क्योंकि जिस तरह की बयानबाजी लंबे समय से ओवैसी बंधु कर रहे हैं वह देश के खिलाफ जहर उगलने के बराबर है।
उन्होंने कहा कि इस तरह के बयान देने वालों को देश में रहने का अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार को ओवैसी बंधुओं के संसद और विधानसभा में प्रवेश पर रोक लगानी चाहिए।