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एम्स से डिस्चार्ज हुए गंगा के लिए अनशन कर रहे संत गोपालदास, समर्थकों को पुलिस ने उठाया

Tue, 16 Oct 2018 11:48 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ऋषिकेश
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ऋषिकेश Updated Tue, 16 Oct 2018 11:48 AM IST
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swami gopal das discharge from aiims rishikesh
- फोटो : अमर उजाला

अविरल गंगा के लिए अनशन कर रहे संत गोपालदास को एम्स प्रशासन द्वारा डिस्चार्ज कर दिया गया। जिसके बाद उन्हें मातृसदन ले जाया गया। एसडीएम हर गिरी को अस्पताल प्रशासन ने रिलीजिंग लेटर सौंप दिया है।

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बता दें कि सोमवार को चिकित्सकों ने स्वामी गोपालदास को एम्स से डिस्चार्ज कर दिया था। शाम करीब 6 बजे डिस्चार्ज का निर्णय होने के बाद संत के सहयोगी संस्थान प्रशासन से डिस्चार्ज लेटर की मांग करने लगे। गोपाल दास के सहयोगी विकास ने बताया कि एम्स प्रशासन डिस्चार्ज लेटर देने में आनाकानी कर रहा है। प्रशासन पूर्व में भी आरोप लगा चुका है कि गोपालदास अचानक भाग जाते हैं। ऐसे में वह लेटर लेने के बाद ही जाएंगे।
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इस दौरान एम्स प्रशासन ने कहा था कि डिस्चार्ज समरी मंगलवार को दी जाएगी। इस पर गोपाल दास के सहयोगियों ने निर्णय लिया था कि समरी मिलने के बाद ही वो परिसर छोड़ेंगे। उन्होंने बताया कि अस्पताल से निकलने के बाद त्रिवेणी घाट पर अनशन जारी रखा जाएगा।
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उधर, स्वामी सानंद का पार्थिव शरीर सौंपने के लिए एम्स रोड स्थित बाबा काली कमली वाला मंदिर पर धरना दे रहे उनके अनुयायियों को पुलिस कोतवाली ले गई। नायब तहसीलदार मुन्ना सिंह चौहान, और कोतवाल रितेश शाह ने सुशीला भंडारी, शालिनी राय राजपूत, कुसुम जोशी, भोपाल चौधरी को हिरासत में लिया।

 

12 अक्टूबर की देत रात एम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया था

स्वामी गोपाल दास, गंगा भक्त और स्वामी सानंद जैसे ही गंगा के लिए लड़ाई लड़ने वाले समाजसुधारक ( जो 24 जून से गंगा सफाई अभियान और मुक्त प्रवाह के लिए भूख हड़ताल पर थे) को 12 अक्टूबर की देत रात एम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

बता दें की गोपाल दास बद्रीनाथ में विरोध पर बैठे थे, जिसके बाद उन्हें मातृ सदन ले जाया गया। हालांकि मातृ सदन प्रमुख स्वामी शिवानंद ने गोपाल दास को ये सलाह दी है कि वह ये विरोध फिलहाल के लिए त्याग दें और 20 अक्तूबर यानि नवरात्र व्रत समाप्त होने के बाद शुरू कर सकते हैं।

इसके बाद स्वामी गोपाल दास ने नींबू पानी ग्रहण किया, लेकिन उसके बाद भी उनकी तबियत में सुधार नहीं आया और उन्हें ऋषिकेश के एम्स में भर्ती किया गया।

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