फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Swami Avi Mukteshwar And Reached Dehradun Gau dhwaj Yatra Dharm Sabha in Dehradun

Dehradun: बोले स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद, राजनीति वाले राजनीति करें, धर्माचार्यों को करने दें धर्म का काम

Fri, 25 Oct 2024 10:12 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क अमर उजाला, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Fri, 25 Oct 2024 10:12 PM IST
सार

ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि  ब तक आप सनातन धर्म में हैं तब तक वो न्याय व्यवस्था आप पर लागू है और आपको भी उसका फल भोगना ही पड़ेगा।

विज्ञापन
Swami Avi Mukteshwar And Reached Dehradun Gau dhwaj Yatra Dharm Sabha in Dehradun
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

देश में राजनीति वाले राजनीति का काम करें, धर्म का काम केवल धर्माचार्यों को करने दें। हिंदू अब केवल उसे ही वोट देगा जो गोमाता के नाम पर एक मंच पर आकर शपथपत्र देगा। चैत्र मास के अंत में एक सम्मेलन होगा, इसमें सभी राजनीतिक दल एक मंच पर आकर गोमाता के समर्थन में हां या न में जवाब दें।

विज्ञापन


उपरोक्त दून के रिस्पना पुल के समीप होटल में आयोजित धर्मसभा में ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहीं। शंकराचार्य ने कहा, देश की जनता फिर भी आचार्य के शासन को समझती है, लेकिन देश के शासक परलोक की बात से दूर हो चुके हैं, वो समझते हैं कि परलोक नाम की कोई चीज है ही नहीं।
विज्ञापन


कहा, जब तक आप सनातन धर्म में हैं तब तक वो न्याय व्यवस्था आप पर लागू है और आपको भी उसका फल भोगना ही पड़ेगा। कहा, गोमाता का सम्मान हिंदू धर्म में सबसे बड़ा है। यूपी के मुख्यमंत्री गोरक्षपीठ से आते है और उत्तराखंड के बालक है, इसलिए उनकी अधिक जिम्मेदारी होती है। कुर्सी ज्यादा दिनों की नहीं होती है इसलिए इस विषय पर तत्काल विचार करें।
विज्ञापन
विज्ञापन


कहा, 35 करोड़ हिंदू भी अगर ये संकल्प उठा लें तो अगले चुनाव के बाद देश में गाय की ही सरकार होगी। कहा, गाय को पशु कहना उसका अपमान करना है। जो नास्तिक है उनके लिए गाय है जो आस्तिक है उनके लिए वह गोमाता है। कहा, धर्माचार्य का पद ऊंचा है और राजनीति का पद छोटा है।



कहा, जो साधु-महात्मा राजनीतिक कुर्सी पर बैठ रहे हैं या बैठना चाहते हैं उन्होंने अपनी कुर्सी के पद को कुछ माना ही नहीं है। यदि कोई संन्यास धारण करता है तो उसके नाम के साथ महाराज खुद जुड़ जाता है। कहा, हम राजनीति नहीं करना चाहते है, लेकिन जब वो हमारे धर्म में हस्तक्षेप करने लग जाएं, तो क्या हम अपने क्षेत्राधिकार की भी रक्षा करने का वचन न निभाएं। कहा, ये हमारा क्षेत्राधिकार है, धर्म के मामले के हम सर्वेसर्वा हैं। देश में अभी हिंदुओं की बहुमत है तो दूसरों को सामंजस्य बनाकर चलना होगा। कहा, दिवाली से पहले, गोवर्धन से पहले या गोपाष्टमी से पहले उत्तराखंड की सरकार गोमाता को राज्यमाता घोषित करे। अब ऐसे ही हर जिले में यात्रा निकलेगी और हर जिले में गोध्वज स्थापित होंगे।

Kedarnath By-Election: उत्तराखंड कांग्रेस ने स्क्रीनिंग कमेटी को भेजा पैनल, कल तय होगा प्रत्याशी का नाम

Trending Videos

गोध्वज यात्रा राजधानी देहरादून पहुंची
गोमाता को राष्ट्रमाता की प्रतिष्ठा दिलाने के लिए देश में चल रही गो ध्वज यात्रा शनिवार को दून पहुंची। यहां पास ही स्थित एक गोशाला में गोध्वज स्थापित किया गया। यहां से फिर आयोजन स्थल तक कलश यात्रा निकाली गई। इसके बाद गार्डन में भारतीय गो क्रांति मंच की ओर से धर्मसभा आयोजित की गई। इसमें गोमाता को राष्ट्रमाता को सम्मान दिलाने की हुंकार भरी गई।

दिल्ली में गोपाष्टमी पर होगा सम्मेलन
गोध्वज स्थापना भारत यात्रा के बाद अब गोपाष्टमी पर दिल्ली में तीन दिवसीय एक सम्मेलन होगा। संत गोपालमणि महाराज ने कहा, आज तक किसी भी पार्टी ने गो हत्या को नहीं रोका। ये 100 करोड़ हिंदुओं पर कलंक है। कहा, मतदान उसे ही करें जो गोमाता को राष्ट्रमाता, राज्यमाता का सम्मान दे।

ये रहे मौजूद
जगदगुरु शंकराचार्य आश्रम के पीठाधीश्वर सहजानंद महाराज, महंत कृष्णा गिरी महाराज, गोक्रांति मंच के संरक्षक बलबीर सिंह, सूर्यकांत धस्मामा, रवि गिरी महाराज, शूरवीर सिंह, मनोहर लाल जुयाल, मंत्री प्रसाद नैथानी, यशवंत रावत, आनंद सिंह, रविंद्र सिंह, प्रीतम भरतवाण, मंजू नौटियाल, राम भूषण बिजल्वाण, बाबी पंवार आदि।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed