{"_id":"5b6f08744f1c1bde258b459f","slug":"supreme-court-decision-badri-kedar-mandir-samiti-uttrakhand-government-get-shocked","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"बदरी-केदार मंदिर समिति भंग करने पर उत्तराखंड सरकार को लगा सुप्रीम कोर्ट से झटका","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बदरी-केदार मंदिर समिति भंग करने पर उत्तराखंड सरकार को लगा सुप्रीम कोर्ट से झटका
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Updated Sun, 12 Aug 2018 10:00 AM IST
विज्ञापन
सुप्रीम कोर्ट
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बदरी-केदार मंदिर समिति को भंग करने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को झटका दिया है।
हाईकोर्ट की डबल बेंच के फैसले के खिलाफ स्पेशल अपील स्वीकार करते हुए सरकार से चार सप्ताह में जवाब देने को कहा गया है। हाईकोर्ट की डबल बेंच ने जुलाई 2018 में मंदिर समिति भंग करने के सरकार के फैसले को कई आधारों पर उचित ठहराया था।
राज्य में भाजपा की सरकार गठित होते ही बदरी-केदार मंदिर समिति का बोर्ड भंग कर दिया गया था। इसके खिलाफ हाईकोर्ट की सिंगल बेंच में अपील की गई थी, यहां सुनवाई के बाद फिर बोर्ड भंग कर दिया गया।
विज्ञापन
हाईकोर्ट की डबल बेंच के फैसले के खिलाफ स्पेशल अपील स्वीकार करते हुए सरकार से चार सप्ताह में जवाब देने को कहा गया है। हाईकोर्ट की डबल बेंच ने जुलाई 2018 में मंदिर समिति भंग करने के सरकार के फैसले को कई आधारों पर उचित ठहराया था।
राज्य में भाजपा की सरकार गठित होते ही बदरी-केदार मंदिर समिति का बोर्ड भंग कर दिया गया था। इसके खिलाफ हाईकोर्ट की सिंगल बेंच में अपील की गई थी, यहां सुनवाई के बाद फिर बोर्ड भंग कर दिया गया।
विज्ञापन
दोनों पक्षों के बीच कानूनी लड़ाई लगातार जारी
badrinath dham
इसके बाद से दोनों पक्षों के बीच कानूनी लड़ाई लगातार जारी है। अभी तक सरकार दो बार मंदिर समिति के बोर्ड को भंग कर चुकी है, जबकि हाईकोर्ट की सिंगल और डबल बेंच से अलग-अलग फैसले आए हैं।
जुलाई 2018 में हाईकोर्ट की डबल बेंच ने समिति भंग करने के फैसले के पक्ष में आदेश जारी किया था। इसे समिति के भंग बोर्ड के सदस्य दिवाकर चमोली और अन्य सुप्रीम कोर्ट ले गए थे। सुप्रीम कोर्ट के जज के. जोजेफ और संजय किशन कौल की अदालत ने स्पेशल अपील को स्वीकारते हुए सरकार को चार सप्ताह में जवाब देने के लिए कहा है।
न्याय के लिए हम अंतिम क्षण तक लडे़ंगे। हम साबित करेंगे कि मंदिर समिति के बोर्ड को गलत ढंग से भंग किया गया है।- गणेश गोदियाल, पूर्व अध्यक्ष, बदरी-केदार मंदिर समिति
मुझे सुप्रीम कोर्ट के आदेश की जानकारी नहीं है। जो भी कार्रवाई की गई है, उसके लिए पर्याप्त ठोस आधार मौजूद रहे हैं।- सतपाल महाराज, पर्यटन और धर्मस्व मंत्री, उत्तराखंड
जुलाई 2018 में हाईकोर्ट की डबल बेंच ने समिति भंग करने के फैसले के पक्ष में आदेश जारी किया था। इसे समिति के भंग बोर्ड के सदस्य दिवाकर चमोली और अन्य सुप्रीम कोर्ट ले गए थे। सुप्रीम कोर्ट के जज के. जोजेफ और संजय किशन कौल की अदालत ने स्पेशल अपील को स्वीकारते हुए सरकार को चार सप्ताह में जवाब देने के लिए कहा है।
न्याय के लिए हम अंतिम क्षण तक लडे़ंगे। हम साबित करेंगे कि मंदिर समिति के बोर्ड को गलत ढंग से भंग किया गया है।- गणेश गोदियाल, पूर्व अध्यक्ष, बदरी-केदार मंदिर समिति
मुझे सुप्रीम कोर्ट के आदेश की जानकारी नहीं है। जो भी कार्रवाई की गई है, उसके लिए पर्याप्त ठोस आधार मौजूद रहे हैं।- सतपाल महाराज, पर्यटन और धर्मस्व मंत्री, उत्तराखंड