कुख्यात सुनील राठी गैंग के शूटर को 12 साल की कैद, पढ़िए क्या है पूरा मामला...
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अवैध चरस की तस्करी में कुख्यात सुनील राठी गैंग के शूटर अभिनव वशिष्ठ को विशेष एनडीपीएस न्यायाधीश सुबीर कुमार की अदालत ने दोषी करार देते हुए 12 साल का कठोर कारावास और अलग-अलग धाराओं में 1.10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।
दोषी अभिनव का नाम वर्ष-2012 में रुड़की जेलर हत्याकांड में भी सामने आया था। जबकि उसके साथी अकलीम का मुकदमा अदालत में विचाराधीन है। सोमवार को शासकीय अधिवक्ता जेपी रतूड़ी ने बताया कि 14 फरवरी 2013 को नेहरू कॉलोनी, डालनवाला क्षेत्र में फायरिंग हुई थी। उसके बाद पुलिस ने शहर में सघन चेकिंग अभियान चलाया।
इस दौरान क्षेत्र में एक मोटरसाइकिल पर सवार दो युवकों को रोका गया। पूछताछ में एक युवक ने अपना नाम अभिनव वशिष्ठ (निवासी मोरीगंज, थाना नगीना, जनपद बिजनौर, उत्तर प्रदेश) और दूसरे ने अपना नाम अकलीम (निवासी ढाकी, थाना सहसपुर, देहरादून) बताया। दोनों की तलाशी ली गई तो अभिनव के पास से 2.03 किलो चरस, देसी तमंचा और दो कारतूस बरामद हुए। जबकि अकलीम के पास से आधा किलो चरस और तमंचा बरामद हुआ।
पुलिस ने दोनों के खिलाफ नेहरू कॉलोनी थाने में मुकदमे दर्ज किया। जांच में पता चला कि अभिनव पहले भी चरस तस्करी में पकड़ा गया था और तीन दिन पहले ही जेल से जमानत पर रिहा हुआ था। पूछताछ में यह भी पता चला कि वह 11 सितंबर 2012 को रुड़की जेल के डिप्टी जेलर की हत्या में भी शामिल था।
उसके बाद पुलिस ने दोनों के खिलाफ मुकदमों में निर्धारित समयावधि में चार्जशीट दाखिल की। अभिनव के खिलाफ मुकदमे में सोमवार को बहस पूरी हुई। उसके बाद न्यायालय ने अभिनव को मादक पदार्थों की तस्करी में 12 साल कठोर कारावास और एक लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई।
जबकि, आयुध अधिनियम (तमंचा मिला था) के तहत तीन साल कैद की सजा सुनाई और 10 हजार रुपये जुर्माना लगाया। जुर्माना अदा न करने पर अभिनव को एक साल साधारण कारावास काटना होगा। शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि अकलीम के खिलाफ मुकदमे में भी जल्द फैसला आने वाला है। फिलहाल सुनवाई जारी है।